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कस म शरर आग बद कर दय क गहर, घटन गरम क पकड ल लय थ मर कमर क महल। खडक खल थ लकन हव लग रह थ आकशगग म कह ख गय ह। मर शरर, पतल लक

कस म शरर आग बद कर दय क गहर, घटन गरम क पकड ल लय थ मर कमर क महल। खडक खल थ लकन हव लग रह थ आकशगग म कह ख गय ह। मर शरर, पतल लकन अचछ पसन म आकतय भग गई थ । उस पल म, म अत म करन क फसल कय थड तरतज करन क कशश करन क लए सनन तयर कर। म बथरम क लए मल जएग और ठड पन क सथ टब भरन क बद, म मझ आईन म बरक स दखन क रप म म बहत पहल नह कय थ बद कर दय । म मसकरय, Gesticulate, गभर ह गय, मर जभ बहर अटक गय, पलक, खच लय एक हलवड दव क तरह हव पर चबन । म शनदर महसस कय और बवजद गरम, अचछ हसय । पन बहत रह और म अपन कपड छड रह थ । डफडल क हम महलओ क एक बहत पहल कभ नह क तरह अकरत करन क लए शर कय ह । त, मर उततजन शर कर दय मर सतन दखन क लए समनय स अधक सदर लग रह थ, और उन कलह क रप म कमक और सपर सतर क रप म वह मझ कछ बतय थ अभ भ थ समय और एक लब समय स पहल। म फर स मसकरय और आकर म धर स मर सतन मलश परपतर और मर सवदनशल नपलस फलएग। यह लब समय क लए मझ धरवय ठड म मर जलत शरर डल करन क लए नह लय सनन पन शनदर कमर क सथ अनभव। बजल मर शरर क ल लय। गरम और ठड; तज और वसफटक सयजन क लए कछ लकन मर लए नह ह क आग पर शरर क सथ जर रख । अलग छवय मर बढत यन आवग घमन लग थ। जस तरह स जसम म उस गल लगय, जस तरह स वह मझ दलर, त coweredly जगल और कमक। वह उस खद क धर स शर करन और जलद स यद कय सथ ह, अपन कठन, गरम सकस क सथ। इसक अलव क बड सतन छट लडक ज उनह एक परपकव वशषजञ क तरह मर करच म सकवकस करत ह। ठड पन क लए apoco क सथ फड शर कय गय थ, शयद मर लए दष यन हठ ह क मर हथ स अलग ह गए थ। यह मर उगलय खल रह थ सखत कछ हटल क बसतर म कछ ख परमनद क लए दख रह ह, जबक मर कलपन वनरत क सथ एक चस मरग म भग लय ह क वह सरफ यह आनद लन क लए जनत ह । मर आख बद कर रह थ और नचल हठ मर दवर कट गय थ वह मझ अपन हथ स परदन कर रह थ खश क ओर इशर करत दत । इस गरम उदरत लगतर छवय क शटग रख । अब, लडक मर पर खल थ और करण क बन मझ परवश कय थ, छट लडक हग मर पयस मह म रस क अपन टपकव क सकस क सथ घटन । मर सस सरगरम थ और खश न मझ आकर म हल कर रख दय परगतशल. यह मर चचल उगलय क सथ परयपत नह थ त म शर क मर यन म एक गद दरगनध क कटनर। मन सपन दख क व मझ कमबखत कर रह थ। जब तक म लगभग बहश ह गय। म म और बहर आसन स जन चहत ह । मझ मज आय, मण, चललय. म अपन सकस क नम स थड बहर अपन फलस लहरत थ । गरम न खय ठड क सवन और मर सकस मर सभ परमनद और वसन क उतरन वल थ। व मर अनबध कर रह थ मसपशय, मर पर अतम उममद क लए इतजर कर क रप म थड बद कर रह थ। मन अपन सधन चस और अपन सकस क सवद पसद कय। म इस भगशफ क मर जस क यह एक सध मरग थ, यह हलक म चलत ह और सभ झझर मर यन क दवर। उसन अपन आख बद कर ल। नरम और मजबत, तज। म क बर म थ खतम कय म मनट स पहल कलपन नह क थ, क एक बड पमन पर करयर कलपन ज सभग सख क ओर ल ज रह थ। तज स, म और बहर । और वह आदम और गरजन रन, करहन ह क क चपप क सथ समपत ह गय बथरम. समपत लडकय क ज लखन चहत ह और/य मझ जडन क बन यह करत ह शरम.... दसत, मर msn पर परयपत ह । बस मझ जड अगर तम कछ भ ह वसतव म कहन क लए अचछ ह.. चबन