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मर म क परत इचछ जगत ह गय. हम सभ ज दखत ह उसक ललस करत ह। एक दन मन दख क कस उनहन म क चद और उस दन स म उनह चहत थ। वह ज जनत ह, ज

मर म क परत इचछ जगत ह गय. हम सभ ज दखत ह उसक ललस करत ह। एक दन मन दख क कस उनहन म क चद और उस दन स म उनह चहत थ। वह ज जनत ह, ज बर-बर दखत ह, ज वह जनत ह, उसक ललस करत ह जओ, और एक दन मन दख क कस उनहन मर नक क नच म क चद, और म उस चहत थ। एक महल क रप म मर म क बर म मर मन म कभ भ सपन य कमक वचर नह आए महल, लकन मन उसक चदई दख, मन दख क उसक चदई कस हई, मन दख क उसन कस आनद लय, उसन मन उस उततजत दख और मन खश स उसक चख सन, और इसन मझ उततजत कर दय, बहत उततजत कर दय, और मझ बहत खश हई, बहत आनद आय, यह दखकर क मर म क चदई कस हई, उस उस तवरत स दखन म, उस दखन म इतन धयन लग क उस पत ह नह चल क म उस दख रह ह, लकन जस बत न मझ सबस जयद परभवत कय वह थ उसक जबरदसत दड। वह ऐस भग, सथ इतन तवरत क मन खद स वद कय क म भ इसक आनद लन चहत ह। मर म इचछ क वसत ह, आप कय चहत ह क म आपक बतऊ? मझ कभ वशवस नह हआ क मर सथ ऐस ह सकत ह, लकन आप जनत ह क एक छव उस एक लडक क परत इतन समरपत दखन हजर शबद क बरबर ह ज आमतर पर हत ह गदम म मदक पय परसत ह, मझम एक करर इचछ, एक इचछ जगत करत ह उस महल क चदन, उसक सवर करन, उस छन, उस चमन क लए जनवर, उसक यन क खन क लए, उसम डलन क लए, वह उतसकत स उस म म डलन चहत थ। नमसत, म पबल ह, मर उमर 28 सल ह, म एक पशवर शफ ह, मडरड शहर म लजज दनय क समरपत मर अपन वयवसय ह एक आवसय कषतर. द दकन सहयक मर सथ कम करत ह और अकसर मर म क सथ। वह कउटर पर और कभ-कभ रसई म भ मर मदद करन आत ह, म उस आध भगतन करत ह दन, हलक अधकश समय वह पर दन मर सथ रहत ह। म सटर क बहत करब सवततर रप स रहत ह और वरतमन म भ रहत ह मर सथ दकन सहयक म स एक, हलक हम डटग नह कर रह ह, लकन कभ-कभ, बस कभ-कभ हम चदई करत ह. वह उततर यरपय दश स ह और सलमन आद क सथ कम करत ह कवयर उतकषट ह और हमर रशत सबस ऊपर पशवर ह, म उसक ह बस और वह दकन सहयक। मर म मर पत और द लग क सथ परवरक घर म रहत ह छट बहन अभ भ घर पर ह। मर म 51 सल क महल ह सदर, परतषठत और गलमरस, और कछ दन पहल तक मझ लगत थ क वह एक महल थ रढवद और अपन पत, अपन पत क परत वफदर, लकन जस क मन आपक शरआत म बतय थ, एक दन मन उस दकन क गदम म बद हन क बद चदई करत हए दख उस आदम क सथ फहडपन ज हम शरब परसत ह। खर, सटक कह त, न कवल मन इस दख, बलक उसन भ इस दख। करन, सलसवमन ज मर घर म रहत ह। हम दन ऑफस म थ और हमन दख क मर म दकन स गदम म परवश कर रह थ, वह गट क ओर ज रह थ। परवश दवर और इस खल. जस ह हमन खल डलवर मन गड भरकर अदर आय पत ह और उस परयजन क लए नरदषट सथन पर जम कर दत ह। मर म न हसतकषर कय डलवर नट और लडक न जस ह उस उठय, अपन हथ म पर रख दय बशरम स, उसक कमर तक। म सचमच चकत थ, हलक मझ बहत आशचरय हआ जब उसन दख क मर म न उस थपपड मरन क बजय अपन हथ उसक हथ पर रख दय उसक पट क जप खल और तरत घटन टकन क लए अपन लड बहर नकल उसक समन और उसक मह म डल दय. जहर ह यह पहल बर नह थ, कयक मर म और लडक न लगभग नयमत तरक स कम कय, उनहन कछ ऐस कय जसक बर म व पहल स ह जनत थ उनहन पहल भ ऐस कय थ कयक उनम आतमवशवस और दढ नशचय दख गय थ, कछ भ नह चडचडपन य कमचलऊ वयवसथ। मर म घटन क बल बठ कर डलवर मन क लड चस रह थ, म म ज दख रह थ उसस आशचरयचकत हकर करन न मझ इशर कय चप रह और उनह जर रखन द और डलवर करन वल लडक, हरम डलवर करन वल लडक इस मर म क गल स नच उतर। मन उस कई बर हर तरह क परतसहन दय मर म न शकयत क और सस लन म सकषम हन क लए उस अपन मह स नकलन पड। उस यकन थ क वह उस चट पहच रह ह, लकन वह उसस भ अधक आशवसत थ मर म क रड कस भतय औरत क तरह मज ल रह थ। थड दर बद लडक मर म क मह स नकल लत ह और वह उस खड करत ह, और म क पट उतरन क लए नच झकत ह अपन जभ उसक चत म डल, लकन नह, ऐस डलवर वल क इरद नह लग रह थ इस चस, कयक बस कछ ह चटन क बद वह अपन पट पहनकर बठ जत ह। म हथ म, एक नई शररत शर करन क लए। अब उस चद आदम न म क पट बच म डल द थ दन क हठ और व दन बड मज स उनह चटन लग. म उसक खद क पट चसन, डलवर मन म क पट चसन, और करन, मर लगभग परमक, सबस सदर लडक ज मझ अपन जवन म कभ मल थ। जवन, मर कध क गल लगत हए और मर कन म फसफसत हए, "शत सवरग, चत मत कर"। मझ नह पत थ क कय कर, कय बहर गदम म जकर फक द डलवरमन क लत मरन, कय उस म क चदन जर रखन चहए, य कय वह बस करन क पकड लग और उसक सथ वह करग ज डलवर लडक उसक सथ कर रह थ। म कर रह थ, लकन मन खद क रक और दखन जर रख और मन ज दख वह मझ पसद नह आय। कछ नह, नह सर, डलवर मन अब ज कर रह थ वह मझ पसद नह आय म, य बलक, म म क इसम डल रह थ। डलवर मन दवर स पठ सटय हए ह और म गल लग रह ह वह और वह अपन बड हथ स म क नतब क दब रह थ। उनम स एक न शर कय म क गड क सथ खल रह ह और आप दख सकत ह क कस उसन म क गड म एक उगल डल। म न शकयत क, लकन जन क कई इरद नह कय, इसक वपरत, उसन वह और अधक फट बठत गय, उसन खद क लडक क खलफ दबय और जलद ह हम इसक एहसस हआ वह इस डल रह थ. म लड क अनदर रखन क लए जगड कर रह थ बलल और उसक गड क अदर उगल. डलवर मन न उस ऐस सवमतव दय गरभनरधक, उसन उस पर तरह स अपन पर क बच, अपन पर क बच फस लय थ हथयर, इस जर-जर स अदर-बहर करन और उगल अदर-बहर करन म क नतब व कमन क तरह भग, म न खद क ऐस रगड फहड लकन वह गध क तरह आई, करन न मर बल क सहलय और मझ चम कमलत स, बहत कमलत स, चहर, म उतसह स कद ह गय और वह जर-जर स सस ल रह थ। जब मन दख क म न फर स गट खल त म शत ह गय डलवरमन बहर सडक पर चल गय। म क थड अधक समय लग, उसन फरश पर अपन पट ढढ, उसन उनह थड हलय और धर-धर पहन लय, मन उसम आनद ल रह ह मझ वह धल यद ह ज गर थ। उसन अपन बल और कपड क हलक स ठक कय और धर-धर गदम स बहर चल गय। क ऊचई पर करत समय करयलय, जह करन और म यन रमच दख रह थ म, हमन दख क उसन हलक स ऑफस क खडक क ओर दख। नह म आपक आशवसत कर सकत ह क उसन करन और मझ अदर दख थ, लकन अगर उसन दख, त उसन ऐस हन क नटक कय पगल ह गई और अपन गत स चलत रह। थड दर बद हमन उस सटर स बहर नकलत दख और उसन बहर स दरवज बद कर दय। करन अभ भ मझ गल लग रह थ और मर बल क सहल रह थ। म थ वह फट गय और बन कस वचर, शषटत य वरत क, मन नच गर दय करयलय क कलन पर करन, म उसक ऊपर चढ गय, उसक पट नच खच द मन इस अदर डल दय। उसन कछ नह कह, उसन अपन कम पर हन दय, मन कछ कय, मन कय बदमश, कयक करन इतन ठड वयवहर क हकदर नह थ जतन वह उस द रह थ। दन. सचमच, म कवल एक ह चज क तलश म थ और वह थ म क चत और उस दन धल, जस डलवर मन न उसक सथ कय, लकन न त म वह थ, न ह करन मर म, न ह म डलवर मन, इसलए चज सबस खरब तरक स समपत हई सभव: म सह नह पय, जस ह मन इस करन म डल मर पस एक थ टरगर हआ और करन पर बन यह जन क कय कहन ह और बन कह ह गर पड उसक चहर क ओर दखन क सहस कर. करन न मझ डटन क बजय मझ फर स सहलय। चहर और बल, उसन मर ओर दख, मझ दखकर मसकरय और कह: -चत मत कर, तम बहत उतसहत ह तभ मन उसक चहर क ओर दख और उसम सवय क झलक दख उसक सदर नल आख, गहर, सफ, सदर, शतन सदर। करन एक खबसरत लडक थ, एक आकरषक महल थ, लकन सबस बढकर वह एक थ उतकषट सथ. मझ उस पल वह दन यद आ गय जब वह दकन पर आय थ कम करन क पशकश करत समय, उनक परचय पतर यह थ क वह बहत अचछ तरह स हरफर करन जनत थ सलमन और वह छटटय पर मडरड आय थ और रहन क लए यह रहन चहत थ एक सजन. मझ यद आय क मन उसस पछ थ क वह कह रहत ह और उसन मझ बतय थ क वह कह रहत ह एक हटल म, लकन सझ करन क लए एक कमर ढढन चहत थ। म रक रह मझ तरत उसस पयर ह गय और ईरषय हन लग क कई और उस सझ कर सकत ह करन और मन उस अपन घर म एक कमर दन क पशकश क। लकन वह तरत मन गई एक शरत नरधरत कर: -हम घर सझ करत ह लकन हर कई अपन कमर म रहत ह- मन परत सवकर कर ल, हलक मन हमश शरत पर नह क, हम एक सल स सथ रह रह थ और मन उसस द बर पयर कय। आज नह, आज मन करन स पयर नह कय, आज म बस अपन म और क चदन चहत थ मर हथ म एकमतर बलल करन क थ, शयद इसलए मझ टरगर मल, करन क सथ मझ पयर मल सकत थ, लकन उस पल म ज चहत थ वह थ रगण, और वह, क कवल जब म इस अपन म म डलत ह तभ म इस सतषट कर सकत ह। हम ऑफस फलर स उठ और मन करन क गल लगय, उसस कह मन उसक खबसरत हठ पर एक बहत ह पयर भर चमबन दय, मन उसक आख म दख और वह मर तरफ दखकर मसकरई, जब भ म उसक तरफ दखत त वह मझ दखकर मसकरत, मन उस जर स गल लगय, बहत जर स और धम आवज म। और मन उसक कन म पछ: -करन, तम मर परमक ह, ह न?- वह फर स मर ओर मसकरई, मझ चम, मझ अपन बच म भच लय हथयर और मझस कह: बलकल ह परय, बलकल म तमहर परमक ह। जब म घर पहच त मन उस उठय और अपन पस ल आय। सन क कमर। हम पर रत एक-दसर क पकडकर सत रह और पयर करत रह, हलक इस बर ह, इस बर यह सकस नह, पयर थ। अगल दन मर म दकन म ऐस दखल हई जस कभ नह आई ह मन एक पलट तड द हग. सरचपरण, सहज, मनरजक और जझर, लनत ह बलकस मन उसस पछ क वह कस थ और उसन उततर दय: -दपतमन, कय तम नह बत सकत?- जबक उसन मर ओर आख मर। मलभगत. म अभ भ नह जनत थ क कय उस पत थ क करन और मर बच कई सबध थ डलवर मन क चदत हए दख, लकन हर चज स पत चलत ह क यह ममल थ। इसलए कछ दन बत गए, म और उसक सथ खलवड करन क मर उतसकत दन-ब-दन बढत गई मझ पर टक लगन, जब भ हम एक-दसर क पछ स गजरत थ त मझ थपपड मरन वरध करन। कभ-कभ म ह बशरम स उसक गड मसलत थ और कभ-कभ यह वह थ जसन मझ छआ, सच त यह ह क हम दन एक-दसर क चनत द रह थ एक दन तक हर पल, सटर बद करन स कछ समय पहल, हम बच थ व दन अकल थ कयक उस दन करन अपन पस स अधकरय क सपनश ककषए द रह थ दतवस म दश. जस ह हमन दकन बद क, म और मर म, दकन म अकल थ, हमन एक-दसर क जनन वल नगह स दख और मन उसक समन एक बईमन परसतव रख: -आप चहत ह क हम गदम म जए- जहर ह यह आवशयक नह थ। उददशय सपषट कर, मझ लगत ह क हम दन जनत थ क गदम म कय ह रह थ, लकन वह मर लए चज क आसन नह बनन चहत थ, पहल वह जर रखन चहत थ जवन-मरण क "गदम म," उसन नडरत स पछ। -गदम म चदई करन क लए, पछल हफत क तरह उसक सथ डलवरमन- मन उस भ सपषट रप स बतय। व कछ नह बल लकन उस क कम दहरन लग. एक दन, उसन अपन हथ मर करच म डल, मर पट क जप खल, मझ बहर नकल लड, जस क आप कलपन कर सकत ह, फट रह थ, और बन कस दर क मनन न उस मह म डल लय और मझ पर फकन लग। मन तरत दख क कस मर लड और भ अदर तक बड ह गय म क मह छट थ, लकन मर उततजन इतन जयद थ क म तरत घटन क बल बठ गय उसक समन मन उसक सकरट ऊपर क, उसक पट नच क और उतर द म पट हथ म लकर उठ बठ. मझ यद आय क पछल हफत डलवर मन और म न कस चस थ पट और दन, म और मन, खद क बकइन पट क चसन क लए समरपत कर दय उस दन म न कय पहन थ. उनहन चमनट क अतयधक मदक गध छड, जसन मझ अपन जभ स उसक चत क खजन और उस रगडन, चसन और करन पर मजबर कर दय उसक सज हई भगशफ क सथ खल रह ह। नह, मझ म क पषट क आवशयकत नह थ क वह कमक थ, लकन उसन यह सपषट रप स और जबरदसत कय तक म ऐस न कर थड स भ सदह हग. -कमन, तम उस दन कय कर रह थ और दख रह थ क उसन मझ कस चद? डलवर मन, तम कय चहत थ, पतत, कय तम यह सब करक मझ चदन चहत थ गध, म इतन महल ह क बछडन म सकषम नह ह एक पकत म, आपन डलवर बय क बद करयलय कय नह छड, उसन आपक दय थ शरम कर, तम डर गए थ, तम झटक स भग गए। सवल क ढर लग गय, लकन मझ जलद ह एहसस ह गय एक बत: मझ नह पत थ क करन मर सथ थ, इसलए मन उस यह सपषट कर दय। -नह, म डर हआ नह थ, बत बस इतन थ क करन मर सथ थ परषण- वह सचमच सतबध रह गई और गसस स फट पड: -कय, करन न मझ डलवर वल क सथ चदई करत हए दख ह? लकन तम कस एक कतय क औलद ह, तमन करन क मझ एक लडक स चदई करत हए दखन क अनमत कस द, तम इतन कमन कस ह? म जगल थ, गसस न उस लचर बन दय थ आकरषक, हमन एक ह समय म एक-दसर क चम और कट, हमन गल लगय और हमन मन कर दय, मन उस पर तरह स नग कर दय और खद क उसक शरर क ऊपर फक दय उस चम, उस छओ, उस सहलओ, उस नचड, वह फल गय और मर सर डब गय। उसक बलल क अदर सर, म वयसतत स उसक गड, उसक गल-गल क तलश कर रह थ नतब और मन एक उगल तब तक डल जब तक क मन पर उगल उसक गड म न डल द, वह छटपट उठ गसस और खश स तब तक जब तक उसन मर लड पकड नह लय और मर ऊपर अपन सथ चढ गई लड उसक चत म गड दय. म जस झझट म पड वह अकथनय थ। उनहन एक दसर क अनसरण कय हमल और अपमन, म तमह बकवस करन ज रह ह, कमन, इसक सथ: कय अचछ तम चद कतय क बट। मन इस भ जड दय: म, तम कतन सवदषट ह, इसक सथ: वह कतय और तम कतन फहड ह, म। म अब हफ नह रह थ, म गरम म बछड क तरह चलल रह थ, लकन जब हम सहन लगत ह, त दसत, इसक मतलब ह इस जन, नह बतओ. म सबस सखद पड म थ, मन भ उस समय आनद लय थड स मत क बद, हम शतन रप स कमक थ और हमन एक दसर क तरह चदई क कछ खरब वकत, म खश स पगल नह हई, लकन वह इस पर समबदध थ, म मन खश स हर नह मन, लकन म आपक वशवस दलत ह क म इसक करब थ। मन करन स मझस शद करन क लए कह और उसन सवकर कर लय। मन बतय मर शद म म क मर दलहन क सहल बनन थ, लकन उनहन मझस कह क यह मर लए कठन हग, वह मझ कमत बतएग. वयवसय अचछ चल रह थ, लकन मझ नह पत क म वपस आ पऊग य नह। उतन ऊच कमत चकन, जतन मझ डर ह क वह मझस मगग। alabardero3@hotmail.com