महल गद सकस क ए, ब, स। कवर मजद ह!! कय आप इस पर वशवस नह करत? आह कफर! कय तम ज सच थ क तम कई वकलप नह ह, लकन हग एक औरत क दवरगट? क उनह लग क सभ महलए अब कवर नह ह.? खर, व अभ भ एक मक ह.. । यह सकस ह.! लकन यह सब इतन आसन नह ह लकन यह सब इतन आसन नह ह और कई लग ह, ज गनत और कछ ह ज यह अभयस कर रह ह वसतव म, क कलपन हम सब एक बहत डल दय.. . चल ईमनदर ह । चल खलकर बल। अरथत, कवल 61% दवर कए गए सरवकषण क अनसर परष न कछ य अधक महलओ क सथ इसक अभयस कय ह। त चत मत कर, कयक तम नशचत रप स एक ह जएग ४०%, ज कवल अपन कलपन म यह अभयस कय ह, लकन शत स, ऐस नह हत ह कछ नह.! कपय धयन द क: -ऐस महलए ह, ज गद सकस क ओर आकरषत नह ह, न कर अभयस कय ह और ऐस कभ नह हग। -ऐस महलए ह ज कवल आपक एक अनभव क रप म आकरषत करत ह लकन कवल अपन सथर सथ क सथ अभयस करग। -ऐस महलए ह जनहन एक बर इसक अभयस कय ह और ज फर कभ नह अभयस. और वह महलओ क ज इस पसद कर रह ह और यह अभयस जर रहग त इस सब क बद हम समझन ज रह ह अगर तम महलओ म स एक स मल ज व उतसक ह -व यह करन क कशश नह क ह, लकन यह करन क तयर ह -य क व पहल स ह वशषजञ ह.. और कयक व जनत ह क म उनह गहरई स पयर करत ह, और ह क म कय चहत ह क तम, कमक रडग क सजजन घमन अचछ लग रह ह । उनह म समझऊग क उनह सजजन क तरह कस करय करन चहए । आप जनत ह क व कर रह ह मफत परमरश: खद क मनरजन कर। यर, उन पररभक कछ बनओ अदभत. - उस सरकषत महसस करए। - इस दबन नह ह। - अगर आप दबव महसस करत ह त यह आपक डलवर नह कय जएग। वह कभ नह दव क तर पर अपन गद दग। -नह लगत क तम उस पर हसन ज रह ह अगर कई बच समसय पररभक म उसक सथ एक बहत खलत ह, उसक हठ क सथ, अपन सतन क सथ, अपन भगशफ क सथ। यह उस कछ य कई ह बनन क लए चट नह हग यद रखन स पहल सभग मलटऑरगमक ह सकत ह ... और आप पहल स ह ह बतन.. . सध गद क उततजत न कर, लकन शत स जए, अपन शरम क बत खन। यद आप इस पहल बर नह मलत ह, वह ह "longanizas स अधक दन" . कभ-कभ यह कई सख ल सकत ह सपतह. यद व इस अभयस क सखद बनत ह, त आप इस दहर सकत ह, यद वह, उमर क एक औरत क लयक ह, गद सकस पसद नह ह, वह उस नफरत ह सकत ह सद, त यह नह खलत यह जवन म नफरत महसस क बत नह ह आग. . आप सकस म जनत ह क 80% कलपन ह और बक ह शरर क परतकरय त अपन कलपन क उततजत। "गरक चबन, य कल चबन," ज नह ह करन क लए जन आप चबन करन क लए न त एक कल और न ह एक गरक, लकन यह आपक मह क सथ उततजत हग उसक गद। इस तकनक क एक तरफ जबक व बनत ह, इस तकनक क अतयधक सफरश क जत ह तम ज एक और चकनई कषतर क परपत करन क लए शरम क बत ख एक अतरकत उततजन। महल गद परवश क लए द बनयद नयम ह। आप गद सपरश नह करग, बलक खश महसस करग। और सनशचत कर क वह मफ चहत ह । एक: सचर और द सनहन सचर; यह आवशयक ह, बलकल आवशयक ह और बत करन क लए आवशयक ह कय कय ज रह ह क । यह कई अचछ नह ह, क उस गरड क पकडन क ह, और पहल स ह चरण... व अपन जवन क सबस बड गलत नह करग, और यह क बत नह ह गलत. म नह चहत क आप कई गलत कर। व पजकरण क लए ज रह ह! यद आपक गद चहत ह क म उसक सथ खल, त आप सजजन हग जन.! वह समरट और समरट ह.. यद नह, त यह नह खलग, कयक जस क उनह गद पत हन चहए द छलल क हत ह, पहल सवचछक ह, दसर नह ह । पहल अगठ य सफकर आपक अपन अदभत उगलय स, य अपन मह स आरम कर सकत ह वस ह. दसर म, आपक पस इस पर शकत नह ह, इसलए यद आप इस खलन चहत ह दरवज, कज नरम और नरम हन चहए, कभ लह, ठड य कठन नह हन चहए। यद आप दरद महसस करत ह, अगर वह गद "जर दय ह," यह सभव ह क यह दरद हत ह, तम खन और अगर तम इस अपन आप क कशश नह करत । अगल बर जब आप क पस जओ सनन, एक उगल, य द डलन क कशश कर। उसक सथ कय बत ह, उसक उगलय स बहत महन ह क व क रप म जयद क रप म नह हग क मन सच क वह इतन पयर करत ह, और अधक म नरमण? सचन! एक बर जब आप खल म ह, त आप और वह तयर ह, आशवसत ह क आप यह करन चहत ह, यह अपन उगलय क सथ उततजत करन क कशश, नटस यह कस फलत ह, एक बर औरत उततजत और परवश करन क लए उतसक ह, वह आपक बतएग, उसक बत सनग । यह "बहत महतवपरण ह," उनक लए यह अपन उगलय क सथ घसन, धर-धर, इसलए उनह मसपशय क आरम मलत ह और बन कस हस क दन। गद, परय सथ, सकस क लए भ नह बनय गय ह चतत न ह। अगर पहल बर, व उस एक ह पन क लए अपन उगलय क सथ सभग, जबक एक ह समय म आप मखक सकस कर रह ह, अपन आप क द सतषट. सल क लए कई दन लगग तयर ह और व परवश क सथ शर कर सकत ह, क आप हमश क लए ह यह बहत धर-धर परदरशन कर और जब महल जतन सभव ह उतन उतसहत ह। अगर परवश क उस पल म वह दरद महसस करत ह । रक तरत, अगर व जर दत रहत ह यह नह खलग, त वपस और ल एक बरक.. यद आप धमरपन करत ह, त उस समय ऐस कर, उसस बत करत रह ... जब वह वशवस ल ज रह ह, और अगर पहल बर वह व अचछ तरह स करत ह, यह सभव ह क व दन अभयस क आनद ल सकत ह । यद आप महर जर दत रहन क लए, यह ह सकत ह क अभयस नटकय ह जत ह, और अपन अदभत लग, बगन गध म वपस मत जओ। एक बर जब आप इन सभ चरण स गजर जत ह, और यद आप तम अचछ तरह स कय ह, मझ यकन ह क तम ह रह ह । अपन वयवहर ह क इतन तमहर लए लब समय तक, व तमह कतन वरजत लगत ह, और इतन क व आपक उततजत करग सखद, और अतयधक सभग। सनहन मत भलन, चह कस भ पदरथ क सथ य अपन लर क सथ ज शनदर ह। बजर पर सबस अचछ। आप दख सकत ह क: यह सब इतन आसन नह ह यह सब इतन आसन नह ह । लकन मझ पत ह क जब स आप महन छतर ह, आप म अनमदन करग जन, और आप सतबर क लए कछ भ नह बच हग । और तम शयद बहर नकल जओग इस वषय म एक "मनद नमकन" । चबन कल वधव
