मर मस सफ क जनमदन। मर मस सफ, मर म क बहन ह, म स बड हन क करण शयद थड अधक झररय, थड अधक सरहन, लकन चक वह एक "रक हई" चच ह, ज लग कहत ह क "वह सत क नरवसतर करन क लए रक थ", उनक जवन इसक लयक ह ऐस कहन क लए, म और, नशचत रप स, वह अनय महलओ क तलन म बहतर समय बतत ह उस शन-ओ-शकत पसद ह और चक उसक पस भकन क लए कई कतत य गन गन क लए कई मरग नह ह, इसलए वह वह एक अचछ जवन दत ह और अपन 48व जनमदन पर उनहन मर मत-पत क सथ मलकर इसक वयवसथ क उसक सथ पयरट वलरट म लगभग 8 दन बतन क लए, कयक उसक अनसर, उस समदर तट पर अपन धल झडन और नई हव लन क जररत थ हव क आनद लत हए, वललरट म इसक मज ह कछ और ह, परट कभ खतम नह हत और रत कभ खतम नह हत, जह तक शरर ह हर चज आनद ल रह ह और आनद ल रह ह धरय। मर चच एक आकरषक महल ह, और वशष रप स वह इसक बजय लन क लए हथयर ह, चसन क लए लग ह, कयक पहल, मन इसक खज क थ मन अभ-अभ अपन पत क लड स "पलन-पषण" कय ह, लकन ह, जब तक सब कछ अदर रहत ह परवर, कछ नह हत. वस भ, हम चल गए य वह मझ अपन सथ ल गई, हम पहच, हम हम फएसट अमरकन हटल म रक कयक सब कछ पक थ, कजस थ ऐस नह ह, बत सरफ इतन ह क उसन बहत हसब-कतब करक हमस सरफ एक कमर मग हम वयवसथत ह गए, फर हम तरतज हन क लए बर म गए और दख क महल कस थ, म गबचस क दख रह ह क कसक चर द, सच रह ह क मर चच सफ अपन ह उमर क एक दसत क सथ ऐस ह करग, लकन कछ नह उनक यजनए पहल स ह बहत अचछ तरह स नरधरत थ। हम अपन इजन क गरम करन क लए कछ पन कलड फकत ह, हमन डस करन शर कय, उनह म स एक म एक वदश दखन वल लडक आत ह और उसन मझ नतय करन क लए आमतरत कय, उसन सवकर कर लय और म उनह यह सचत हए दखत रह क "यह चवल पहल स ह ह पकय गय थ" और अब जनस उन लग क एक सकस गरग क तलश करन ज रह ह जनक पस तन ह टकल, व पहल स ह एक टयब क तलश म ह जह व अपन "टबल डस" कर सक तलय बजत हए, म उन लडकय क समह क पस पहच ज पहल स ह मर सथ आध गरम थ पत ह और अपन गम चपक लत ह, इसलए व मकसक आत ह, चसन और चदन क लए बकवस और चसन, एक क नमकत करन आसन थ, पय और पय क बच उसक बलट इस धन म रख और तयर ह जओ, म यह भ भल गय क म अपन कपन क मलक थ चच। एक बर गरग और म गरम ह गए, हम शचलय गए और अकल सम क अनमत स, मन उसक पहन हई छट सकरट क ऊपर उठय, उस ऊपर उठय पर और उसक पर तरह स मड यन क ऊच एड दन स वह शर ह गई खश स छटपटत हए और बचच क सतनपन करत हए, मन उसक सतन क पकड लय और मझ बड कर, व इस क लए ह, मन उसक सतन तब तक चस जब तक वह नह आई, मन महसस कय क उसक तरल पदरथ नकल गय ह, वह मर लड क चसन क लए नच आई और गरगइट यह एक सल क बछड जस लग रह थ, म यह अचछ ह, अगर उनक पस एक चज ह, त वह यह ह क मझ लगत ह क व ह लड चसन म एकसपरट. पहल स ह गरम स जलत हए, मन उस डरसर पर बठय, उस नच उतर पट, मन अपन उगल उसक गलब दरर म डल द, और उस तब तक उगल स चदत रह उस अपन आख घमन द, वह इतन कमक थ क उसन अपन सतन क सहलय दसर स जड रहत हए, उसन अपन पर क जतन सभव ह उतन खल और शर कय फर स उसक झगदर सभग क परवहत करन क लए और झग य मधयम मछल क गध क सथ बढय, हम यह कर रह थ तभ एक और जड अदर आय, उनहन हम दख और ऐस करन चह पछ मड, लकन जब उनह एहसस हआ क हम कय कर रह ह त व दग रह गए जस क मर पस थ, मर लड बहत बड नह ह, मन लजए क यह नयमत ह और मर जस ह म उस मर ह तरह करन दन क वयवसथ कर रह थ, यह उनक लए इसक लयक थ और उनहन शरआत कर द हम म स एक तरफ बकवस करन क लए, यह चज वसतव म खरब ह गई, कयक मर गरग वह और गरम ह गई और ऐस करहन लग जस उस पर भत सवर ह और लड मग रह ह, मन लड उसक अनदर डल दय उसक यन क परवश दवर और उसम धकलन स पहल मन उस उसक भगशफ पर रगड, इसस वह उततजत ह गई और पगल क तरह हलन-डलन लग, दसर जड न भ ऐस नह कय। हम दन क बच ज कछ थ उसक म ववरण ख रह थ, मन उस जन दय और उसन भ झकन शर कर दय पप और वह बहतयत स आय, उसन मर लड क एक सकड म भग दय, मझ नह पत क कस दसर गरग पर झपटट मर और कमन न दसर क चमन शर कर दय यर, इस दखकर, इस भ नच तक जन दय और जर स चललय म शचलय म बठ, दसर आदम और मन एक-दसर क बन बतए एक-दसर क आख म दख कछ नह, हम बदल गए, लडकय चबन करत रह और हमन उनह पकड लय लड, हमन उनह पप कय, जस व डरसर क ऊपर थ, फर हमन उनह नच कर दय मजल, हमन उनह एक दसर क समन मजबत स रख, और अब डन सइमन, लन क लए ऐस कह गय ह, हमन उनह इतन उतसकत स जन दय क कवल एक चज ज आप सन सकत थ वह थ दरघटन। उनक यन म अड और उनक परवश करत और नकलत समय तरल पदरथ क कलक लड, म इस और बरदशत नह कर सक और लडक क नतब म अपन नखन गड रह थ गरनग, मन खद क उसक दरर क अदर पगल क तरह खल कर दय, एक लब और क सथ समपत हआ मधर आहहहहहगगगग!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!, दसर लडक क सथ भ यह हआ और उसन भ अनदर ह छड दय, मन अपन लड क टयलट पपर स आध करक सख लय मन अपन कपड ठक कए और बहत गमसम हकर चल गय, और मर पछ दसर दसत भ मशकल स खड थ समय इसलए कयक उसक करब तन और लडकय अदर आई, एक-दसर क बहत करब। अनय. बर म वपस, मन अपन चच सफ क बठ हए पय टबल, सभ गसस म थ कयक मझ नह पत थ क म कह गय थ, मन उसस कह: यह सरफ म ह ह म अपन गरलफरड स बत करन गय थ क कय वह आन चहत ह, लकन उसन ऐस जवब दय वह ऐस नह कर सकत कयक वह वशववदयलय म परकष द रह ह, और यह क अधकश लग क तरह लडकय अजब हत ह, व बहत सरल हत ह और म उनह समझ नह पत। उसन और भ करधत हकर कह: जनस और लगभग आध घट तक बत करत रह? नह यर, बत सरफ इतन ह क कल नह आई और तम उन कमन क दख रह ह टलमकस, आपक सव इसक लयक ह... लकन चच, नरज मत हइए, कयक मन आपक पहल ह दख लय ह मर एक परटनर थ और वह उस लडक क सथ बहत करब स डस कर रह थ, मझ लग क म पहल ह ऐस कर चक ह उस इसक जररत नह थ... म खरब तरक स उततर दत ह: अचछ ह, लकन उस कमन न मझ पहल ह बत दय थ म उस बसतर पर ल जन चहत थ और मझ यह भ नह पत क उसक पस कय हथयर ह, मझ कय मलग? कमन परपडक ह और मझ पगल कर दत ह.... इस टपपण न सचमच मझ पगल कर दय...मन सच, ठक ह, मर चच नह ह वह आध मप क सथ चलत ह... फर उसन कह, हम आखर लकर नकलग, म थड ह यतर स थक गए ह और हम धर-धर पहचन, पहचन क जररत नह ह आइए परय लय क थम रह, उनहन शत सवर म मझस कह। हमन आखर अननस लय और कमर म चल गए लफट न मझस कह: ...क फन पर बहत सर लग थ, कयक ऐस ह कय आपक सगध क एक अजब मशरण महसस हत ह? नह चच, जस द-तन लग मझस बत कर रह थ मन उस उततर दन म जलदबज क, यह तमहर सथ क सगध नह हग, कयक मन तमह दख थ वह बहत जड हआ थ और ऐस लग रह थ क आप उसस और अधक चपक रह ह...मन मन लय क आप सहज थ सथ... पहल त उसन ह कह, लकन जब मझ एहसस हआ उसक बहत चतत और असवसथ इरद और परसतव, बहतर हग क म उस जन द आपक कभ पत नह चलत क शहद म कस तरह क कड आ जत ह और फर कय हत ह पड, लकन इसस कई फरक नह पडत जस ह हम वह पहचत ह, आप बस दखत ह और चप ह जत ह तम बहत आग जओग बट... और यह कहत हए उनहन मझ ऐस गल लग लय जस म उनक बट ह और मझ मर रह थ उसक सतन मर छत पर. हम कमर म पहच और मन उनस कह: आट, म नहन ज रह ह मर पसन नकल और आरम स स जओ, इस तथय क अलव क यह पहल बर ह जब हम ज रह ह एक ह कमर म सए और म नह चहग क आप पर बर परभव पड मझस... वह बल: अर बट, चत मत कर, म भ वस ह ह म नह लग, फलहल हम स जयग और कल सबह जलद हम आयजन करग सर-सपट और वह सब कछ ज हम इन दन करन ज रह ह... सबह ह गई और नए दन क सथ हम वह नशत करन गए लडकय वह थ, लकन मन कछ हआ ह न ह, मझ लगत ह क उनह अब नश क बर म पत ह नह थ। उनह वह बकवस यद ह ज हमन उनह शचलय म द थ, लकन व ऐस ह ततलय ह हजर फल क, यन हजर डडय क यनय, व ज पहल बर समन आत ह, उस चद लत ह जओ और अगर हम दबर मल त म तमह जनत तक नह। नशत क दरन मर चच न उन सभ करय क यजन बनई ज हम करन ज रह थ। मसमलय म वह क परवश क दखन क लए सर कर; क घर एलजबथ टलर और रचरड बरटन उस पल क सथ ज सडक और उसक कनर क पर करत ह जस उनहन उस महन फलम नइट ऑफ द डड क समत क रप म सपरषत कय इगआन; पट ड मत और छट म क पर हटल कषतर क लए परसथन यह खड क तट पर ह... "डलस वट" क आनद लन क तसर दन हम गए करज ड गआनकसट नमक सथन क ओर, मर चच न एक मटल दख सरयसत जस कछ, सडक चर ओर स ज मड बनत ह हवई अडड पर परकश बलब चल हआ और उसन मझस कह: मझ ऐस लग रह ह क इस मटल म तमस झगड कर ल, म आ रह ह गरम भतज और म चहत ह क आप मझ भप स नकलन द, यह क गरम मझ तज कर दत ह हरमन और पर दन म उततजत ह और चदन चहत ह, आज म आप शवर म चल गए, म यह चहत थ और म लगभग आपक सथ बथरम म चल गय, लकन म इस अब और बरदशत नह कर सकत और कह रह ह और कर रह ह, जस वह कर चल रह ह करए पर, वह एक झटक म मटल म घस गई, परवश शलक खद ह चकय, पहल स ह अदर थ कमर म वइन सरवस क ऑरडर दय गय और हमन पन शर कर दय, मझ लगत ह क व ऐस ह थ सबह 10 बज। मर पयर चच सफ कमन, परतषठत और सदर ह सबस पहल उसन मझस कह क म उसक लए एक गलस वइन डल और हम बत करन लग। बत कर, अदर ह अदर मर खन खल रह थ, सच म मर चच क अभ लयक उमर नह ह, मन टरन उनक पस स गजर चक ह, लकन अकल और सथ म मझ चदन क सबस सवसथ इरद, म उस सवदषट और उसस भ अधक रगण क रप म दखन लग अपन ह चच क चदन स म भ गरम ह गय थ और डरकस क बच म भ हमन करब द बतल शरब प और बत क क य मर मस ह, शरब खतम ह गई। ऊपर जकर, उसन टव चल कर दय और आप जनत ह, यद आवशयक ह त अशलल चनल य लडक न वरध कय, फर भ उसन मझस कह, मन लब समय स इनम स एक क भ नह दख ह, उस परन फलम क जकर ह ज चल रह थ और तभ यह ममल उठ नतक बधओ क तडन क कम थ, लकन नतकत कवल नम क ह, कयक, जह भ व सम पकत ह, य नह? मर चच पहल स ह शरब क वषप क सथ तलमल बठन लग थ रमटक और मन खद क पयर करन दय, हमन एक-दसर क शभकमनओ स दख, मझ लग क यह मर चच हग लकन म उस चदग, म उस चदग, मझ बस उस पर एहसन करन ह और अगर कई ऐस नह करत ह पत ह, अवसर क गज कर दय जत ह और परवर क बच हमश एक छड बन रहत ह सवदषट और रमचक, जस दनय क दसर आयम म परवश करन... बलकल इस परलभन म अधक गजइश क सथ, म एक कबतर पकड लत ह.... उसन अपन पशक क पटटय नच कर द और अपन सतन मझ पश कय। क म उनक तरसकर नह करग कयक व गर हए थ, मन अपन जभ स खलन शर कर दय व सखत ह गए और बल: ह यन, मझ लगत ह क तमन मझ भ तरतज कर दय ह ठड लग रह ह और मझ यह पसद आ रह ह, आपक जभ कतन नरम और मजबत ह जनस, इन टपपणय स मर लड तनवगरसत ह गय, सतन सवदषट लगत ह और इस ममल म और भ अधक पसद ह अगर व मर चच स ह, मर जस बखर स भर दमग स मन एक मल परत घट यह सचन और सवद लन पर कम कय क कय मर चच इतन सवदषट ह और गरम, मझ लगत ह क मर म और भ अधक गरम हग, मर म क बर म सचन क बच और मर चच, वरजनए मट गई और म नगन ह गय तक मर चच क मनरजन कय ज सक जस क उनह करन चहए ह और वह यह चहत थ, और यद वह अपन भतज क लड चहत थ, त म उस तब तक दन ज रह थ छट पर, सब तक वह मर सथ फर स चदई करन चह... वह पहल स ह उतसहत थ और दख रह थ क वह इस तरह परतकरय द रह थ चहत थ, उसन अपन सकच खन शर कर दय और अपन सतन और मर लड क सथ खलन शर कर दय, जसक लए इस समय म पहल स ह सखत, मट और अपन चच क वसन क सतषट करन क लए तयर थ। सफ, मन उस बधन मकत हन दय और उस बत दय क वह कतन वशय ह और वह इस वपस नह लग। दरपण क दखत हए, वह आनद ल रह थ और शयद उस ऐस महसस ह रह थ क वह अपन सबस अचछ दन म ह। यन शषण क बर म, समय क पत चलग क मर लड कतन मटर लब ह पयर चच... वह सफ पर बठन चहत थ और म वह पर खलकर बठ गई। उस वह सर मरग दन क लए, ज उसक परवरक वरसत क करण, वह भ दत ह यह आनद लन क समय थ, उसन पशक क धन क लए फक दय, अपन पट उतर द मर लड ज मट डड थ उस पर ऊपर नच हन लग, मस त ललच ह उस लड बहत पसद ह, उसन उस खन शर कर दय और शश म दखकर मज लन लग क वह कस दख रह ह। मन उस उसक यन म डब दय, वह यन तज मस क लए उतसक थ और जस... टचर न अपन ककष क लयक अहकर दखत हए मर आध हसस ख लय लड... ...अपन लड क उसक अदर और बहर जत हए दखकर खश हई बलल, उसन मझ वह सब आनद दय ज वह चहत थ, मन भ उसक गरम चकनई क आनद लय मर म क बहन क यन, यह नर क महसस करन क लए सवदषट और कमक ह एक औरत ज परवरक हत ह, उसक लड बड हन लगत ह, बड हन लगत ह गढ और मन नरणय और परवगरह क उकसत ह और इस हद तक क मझ परवह नह ह, म मन अपन मस सफ क लड पकड लय... जब मन उस नच लटय त म आन ह वल थ क यन म उतपनन हन वल अतयधक गरम दनय क सबस अचछ लड क पघलन क लए हत ह दनय, पर यन क गल दख और महसस कर, टपकन वल तरल पदरथ क महसस कर चदत समय, मर हमल क परतकष म अपन चच क गड पर वचर करत हए, मर लड उसक अदर घसन वल ह, इस दखन क आनद ल, इस धर स जन द और धर-धर उस जलत हई हतश स करधत करन क लए, उस कपत हए महसस करन क लए मर बह, मर वशल लड क दख और उस उसक यन म ख द जब तक क वह मर गद स न टकर जए उसक यन क हठ क सथ पगलपन ह, वह चदई करत ह, कभ-कभ समरक क सथ महलए, लकन अब मर चच एक वशय क तरह थ, उस चद रह थ, मर दख रह थ लड न उस पर तरह स ढक दय, बहत गरम सकस, यह मझ परशन कर रह थ वसन... मर चच करह उठ और मर मटई क महसस करन क लए उतसकत स हलन लग उसक गपनयत क गहरई तक लड डल और मन यह सब जन दय, वह चललई और चललई खश क मर, वह अपन चहर क बल लट गई और म अपन लड बहर नकल बन ह उसक ऊपर गर गय मन उस पर हमल कय, उस सतषट करन क लए जतन ह सक उतन जर स पप कय इचछ.. .(धयन द: यद तसवर वह ह, त मझ उनह वभजत करन पड) परलख, कषमयचन) मर मस सफ क जनमदन क नरतरत जह तक म कर सकत थ, मन उस अपन तरफ बठय, मन उस फर स जन दय, वह आनद लत हए, उसन अपन पर मड लय, और अधक बत पन क लए अपन आप क और अधक खलन चहत थ, ऐस ह मर चच सफ अतपत थ, मर लड इतन पप करन स फल गय थ मझ मट महसस हआ, मर गद भ खल म आई और रकन क कम कय, यन शश म दखकर पगल ह रह ह क मर मस क यन और मर हलत कस ह लड अदर और बहर एक पगलपन म वलन ह गय, यह यगल क लए अवरणनय ह मस क नतमब मर लड स बलकल फट ह रह थ, उनक नतमब ऐस लग रह थ व मर लए नपन क लए, उस चदन क लए और अपन पर लड उस दन क लए बनए गए थ... अपन यन स मकत क चहत म, वह शत ह गई और शर कर द मर लड क चसत हए, खद क तरह ललच हकर, उसन अपन परदरशन क एक भ ववरण नह छड, ए टचर मर लड चस रह ह, उसक मह चसन क कल म महर ह छट सर और लड क हर चज और गद स वसफटत कर द, मझ लगत ह क इसक सथ यह बकर ह गल और अपन हठ स दबय जसस मर हश उड गए, जर स मन कठनइय सहन क, वह वसतव म एक वशषजञ ह, वह जनत ह क अपन वरष क लभ कस उठन ह और वह जनत ह लड नगल लय कयक कवल वह जनत ह क कस... अब और अधक आरम स और सथत क नयतरत करत हए, मन उस जन दय उसन मर लड चस कर मर मनरजन कय, उसन अपन मनरजन कय और समय क रक दय मज आ रह ह, मर चच सच म एक रड ह, मझ उस चदन म और मज आत यव, मझ यकन ह क म वकत ह गय हत लकन यह अब तक क सबस अचछ चज हत। यह मर सथ हआ हग, हलक कभ भ दर नह हई ह, अब मर पस यह थ और अनमत क सथ भ मर मत-पत क, कयक मर पत जनत थ क मर चच कस ह, व नशचत रप स ऐस करग मझ यह लन म सकषम हन क लए मन अपन म क पठ पछ कछ सद क कलपन क य यह तक क कछ सद भ कय पयरट वलरट और जब चह मझ चद। मन उस सफ पर लट दय तक वह दबर न गर। बर-बर उसक फल हई यन क जर-जर स पप करन क लए, उसक हठ दखत थ उसक दवर दए गए इतन सर लड स उभर हई य सज हई, उसक चत एक समदर थ तरल पदरथ स, मन उस पर जरदर वर कय, उस वसफटत करन क लए, उस वसफटत करन क लए आनद क, लकन कतय न खद क नयतरण म रख और ऐस नह कर सक बहश, इसलए हम चदई जर रखत ह और वह इसक आनद लत ह, वह गरम और अतपत ह, नह मझ नह लगत क तन परष इस भरत ह, लकन यह बर नह लग सकत, परवर ह ह परवर और यद मर पत इस भरत ह, त म, उनक भतज, इस और अधक भरन ज रह थ... हमन फर स पजशन बदल और वह सकस करक खश थ उसक भतज, अगर उस लड चहए थ और इसलए हम वह थ, त म उस नरश नह करन वल थ, म म नयतरण करन क लए वपस गय और अपन लड स उसक अदरन हसस क रगड, अदर डल और इस नषट करन क इचछ स बहर नकल और जस क कह जत ह, परन चकन एक ह समय म नह पकत। पहल उबल और इस तरह म अपन दध क नयतरत कर रह थ तक वह और वह न आ जए मझ अपन पस पकर परसननत वयकत करत हए... आखरकर मर गरम और कमचछ चच सफ न हर मन ल, इतन स अपन लड स उसक यन पर जर स परहर करन क बद, वह इस और बरदशत नह कर सक और उसक कन म फसफस कर बल: चच तम कतन अचछ ह... तम मझ इतन चदन स पगल कर दत ह... तम मर गरदन इतन अचछ स दब दत ह लड.... तम सवदषट ह और मझ पसद ह क तमहर पर लड अदर तक कस जत ह.... म हमश तमह चदत रहन चहत ह... मन उसस कह: एक दन मन दख क मर पप थ चदत हए, वह थड कप गई और मर ओर दखत हए उसन उततर दय, मन आपन मझ दख, मन उनस कह ह आट, मन आपक सफ दख क आप हर बर मर सथ कस करहत और आह भरत थ पतज न आपम परवश कय, आप पगल थ, ऐस चल रह थ जस कई आपक पस आ गय ह, ठक वस ह जस वह करत ह जबक म यह सब तमह बत रह ह और अपन कटकष तज कर रह ह, व करहत हए मझस कहन लग- भतज, मझ जर स चद.. मझ नखन मर। लड.... मझ अपन पप क यद दल द... मर यन क टकड-टकड कर द भतज... मझ द लड....मझ लड चहए, ढर सर लड मर जन, मझ खश स भडकओ, मझ बहश कर तमहर उस बड लड स, मझ चहए, मझ चहए, मझ चहए, मझ चहए, आआअगगगगगगहहहहहहहह!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! म आत ह डडओओओओओओ!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! ....और मर मस सफ आकर बहश ह गई त बहश हकर गर पड लगडत हए, म अभ भ उस अपन लड क सथ कछ और सकड क लए उस तरह अपन पस रख हए थ, जतन म कर सकत थ। दय, और मर पस अपन धकक क तज करन और अपन आप क अपन अदर खल करन क अलव कछ नह बच थ। मस, मन उस दध स भर दय, सर दध, मन अपन सर दध उसक अदर छड दय, और उसक लड वह भ तब तक जब तक क वह बहश हकर अकल न जग गई, और मन, बहत मसमयत स, उस बत दय मन पछ, “चच, आपक कय हआ?” शयद, यह जर रहग....
