मर बट क लए तन औरत ज कहन म आपक बतन ज रह ह वह बमशकल द सल पहल क ह। महन. मर उमर 48 सल ह और मर नम पलम ह, म खशहल शदशद ह और मर द बचच ह बचच, एक लडक जसक नम रकरड और एक लडक जसक नम मनक ह। रकरड वरतमन म वह 24 सल क ह, वह एक समनय लडक ह, खश ह, मसत ह, अभ भ सगल ह और उसक कई गरलफरड नह ह बशक, वह अपन बहन क तरह ह हमर सथ रहत ह, हलक मनक कस क डट कर रह ह एक सल स कछ अधक समय क लए लडक। ज कहन म आपक बतन ज रह ह वह अभ कछ सल पहल क ह। द महन. मर उमर 48 सल ह और मर नम पलम ह, म खशहल शदशद ह और मर द बचच ह बचच, एक लडक जसक नम रकरड और एक लडक जसक नम मनक ह। रकरड वरतमन म वह 24 सल क ह, वह एक समनय लडक ह, खश ह, मसत ह, अभ भ सगल ह और उसक कई गरलफरड नह ह बशक, वह अपन बहन क तरह ह हमर सथ रहत ह, हलक मनक कस क डट कर रह ह एक सल स कछ अधक समय क लए लडक। म एक लब महल ह कयक मर उमर 1.68 ह और वजन ह 66 कल, मर सन क आकर 110 ह, लकन मर मजबत और ऊचई क करण भर आकर कछ हद तक छप हआ ह, कलह चड ह और भवय और शकतशल पछल भग। मर उमर क बवजद, म खद क एक उतसह महल मनत ह यव ह और उन सख क आनद लन क लए उतसक ह ज जवन हम परदन करत ह। हम मडरड म पडसय क एक समदय म रहत ह, जसम कवल द लग ह परत लडग मजल। हम सबस ऊपर मजल पर रहत ह और मर सथ लडग सझ करत ह भई और मर भभ ज रकरड क गडमदर ह। दन परवर न खरद जब हम शहर स आए थ तब स अपरटमट एक सथ थ और हम यह कषतर पसद थ कयक यह शत थ और भई-बहन बनकर इतन करब रहन स बहतर कय ह सकत ह। लकन उनक कई सतन नह ह व दन रकरड क बट क तरह मनत ह, खसकर मर भभ ममन क। ममन क मर भई स शद क आठ सल ह गए ह, यह उसस भ जयद ह वह मझस छट और पतल ह और उसक कई बचच नह ह, मझ यह सवकर करन हग क वह अचछ आकर म रहत ह. दन मजल बलकनय क मधयम स जड हई ह यद कस बद पर आप कज छड दत ह त गलर बहत उपयग हत ह कई भ समसय उतपनन ह सकत ह. ममन और म इसम भगदर थ नच सपरमरकट स एक अनभवहन डलवर मन क सथ कभ-कभर छडखन घर, लकन उस घटन क बद स सब कछ समनय हन म कफ समय लग गय। अतयत शत, अपन पतय क परत वफदर रहन और जवन बनए रखन बलकल थकऊ यन गतवध. ममल तब शर हआ जब उनहन रकरड ए म नरकषण करन शर कय घर छडन म अचनक वदध. मन दख क व मर सल फन पर कल कर रह थ बर-बर और वह सवधजनक स अधक कतब अलग रख दत थ। मर बट उनहन कह क उनह कलज क लइबरर य कस क घर पर पढई करन पसद ह. दसत य मतर. इतन बहर घमन स मझ उतसकत हई और एक सबह क बद मर बट न जलद म नशत कर लय, म बन उस बतए उसक पछ-पछ बहर चल गय। नच जन क बद कछ कदम चपक स मन रकरड क फरश पर बलत हए पय नच जह एक वदध जड रहत थ। कस शबद क आवशयकत नह थ, बस म दख सकत थ क मर पडस कलर लडग क एक तरफ स दसर तरफ कस दख रह थ उसन रकरड क उसक शरट क कलर स पकड लय और उस अपन घर म ल गय उसन धम आवज म फसफसकर उसस कह क वह उसक सथ उसक शयनककष म चल कयक उसक पत वह नह थ म पर सबह वह रहग. मर रसई क खडक स आप दख सकत ह मर पडस क शयनककष म तक म दख सक क कलर न मर बट क कस लटय बसतर और तरत रकरड क जनस क जप खल द उसक वशल लड नडरतपरवक ऊपर क ओर इशर करत हआ दखई दत ह। - धककर ह रकरड, म इतन बड खन खत हए कभ नह थकग लड ज मझ बहत आनद दत ह. उसक लए धनयवद, मझ अपन अदर क मरखत क यद नह आत पत। रकरड क सड न एक वशल रप परसतत कय, वह इसक मप कम स कम अठरह सटमटर हग। कलर न मर बट क उपकरण पश कय एक ह बर म, एक अवशवसनय मख-मथन शर हआ जस रकरड अब और सहन नह कर सक। उस उस परपकव महल क लब बल क पकडकर अपन कम पर करन दन पड। म नह कर सक वशवस ह क यह बन कस कठनई क उस मह म सम जएग। कछ समय बद उस वह शनदर उपचर दन क बद, कलर न तरत अपन लबद उतर दय। वह पहन हए थ और नरणयक रप स मर बट क अग क पकडकर, वह चढ गय जस ह वह पर तरह स महसस कर रह थ, एक छट स करह छडत हए, उसक पस आ गई उस लड स फस हआ ज उस बहत आनद दन लग थ। म मदद नह कर सक उस दरदनक दशय क दखन जर रख जसम मर परय बट सकरय हसस थ इसक. रकरड पर नयम क सथ पडस क चद रह थ उसन बग क कपड क टटल, उस खलन क कशश क तक वह खल सक उसक बड सतन क बन कस कठनई क महसस कर। कलर मझस बड थ और थ म अपन बट पर पगल क तरह सवर ह गय, चललन लग और चललन लग रकरड दवर उस पर कय गय परतयक आकरमण स वह तरसत ह गय। उनहन चदई खतम कर द असल जगल जनवर क तरह. वह मलकत बमशकल सव घट चल रकरड क उस शरन क खश करन क लए बस इतन ह समय चहए थ। कलर क छड दय गय थ एक बर जब वह उसक अदर आय त मर बट पर गर पड। एक बर मर बच क वह बलगम यन यदध खतम ह गय मन गसस हन क बजय बट और पडस क बर म कछ मनट तक सच वह सब कछ ज मझ यद आ रह थ। मझ ईरषय हई क यह कतन अचछ लग रह थ पडस न इस मर बट क बह म द दय। मझ आपक बच रहन अचछ लगत जगह, मझ सकस क बहत जररत थ। कछ दन तक मर बट क भरम क पछ करन क बद और पडस, मन अतत ममन क बतय क कय ह रह थ इसलए अब हम द थ रकरड और कलर क रहसय जनन। मर ननद क जलन हत थ वह महल भगयशल थ क उस एक यव लग मल सक ज उस सतषट करग। अपन ओर स, मझ यह सवकर करन पड क इसन मझ एक अभतपरव रगणत दखन क द मर बट उस औरत क सथ. एक दन ममन न मझ यह कहकर आशचरयचकत कर दय क वह मझ बहकन चहत थ रकरड क लए, ज मर बट क पडस क सथ मथन करत हए दखन स सतषट नह थ क वह रकरड क सथ सन क लए कतसकलप थ। उनहन मझस कह क म उनह दख सकत ह जब व पयर कर रह थ. बशक म भभ क इस परसतव पर सहमत ह गय म पहल भ उस एक स अधक बर उसक पत क सथ चदई करत हए दख चक थ क वह मझस मर सथ ह। त एक बरसत क दपहर जब हम पत थ क हमर सबधत पत घर पर नह हग, ममन न मझ सवधन रहन क लए कह क जस ह रकरड वपस आएग वह लडग पर कई भ बहन लकर उसस सपरक करग। यह ऐस ह थ, झक क मधयम स म दख सकत थ क ममन मर बट क कस तरह इतजर कर रह थ म सढय स ऊपर चल गय. भभ क अलव उन दन क बच क बतचत मझ मशकल स ह समझ म आई मन धम आवज म अपन बट स कह क मझ पत ह क उसक सथ कय ह रह ह पडस और यद वह नह चहत क उसक मत-पत क पत चल त उस उस सतषट करन चहए इस तरह। रकरड टमटर क तरह बन गय और उसन उततर दय क वह ज करग वह करग म चहग लकन अपन पत य मझस कछ न कह. ममन न सपरक कय मर बट पज क बल खड ह गय और कछ कहत हए उसक गल क चम लय कन क लए. मझ लगत ह क उसन उस अदर बलय थ कयक व दन ममन क घर म दखल हए थ। म शयनककष क ओर गय जह स मझ बहत सदर दशय दखई द रह थ। लवग रम स जह मर भभ और मर बट थ। म दख सकत थ क ममन कस उसन अपन जनस क कपड क मधयम स रकरड क पकज क सहलय। ममन स म लवग रम क दरवज खल छडन म सवधन बरत रह थ तक म सन सक बलकल सह क व कस बर म बत कर रह थ। अचनक रकरड न अपन जनस क बटन खल दय अपन जप खलकर, उसन उस एक वकरल अग दखत हए अपन पर पर गरन दय। और धमक द रह ह. ममन न अपन आप क सचमच दखत हए अपन मह अपन हथ स ढक लय इसक परसतत आकर पर आशचरय हआ। जसस बय, तम कन स उपकरण इसतमल करत ह। म हरन नह ह क आपक पडस आपस बहत परम करत ह। रकरड क खल म परवश करन म दर नह लग क मर भभ त उनहन वनमरतपरवक पशकश क। चमन क दरन ममन न बन कस जलदबज क मर बट क नग कर दय जश स अपन जभ आपस म मल रह ह। रकरड न दलर करन क अवसर लय चच क सतन क उनक बलउज क ऊपर स धर स चसत हए गरदन और कन स ममन क हलक-स करह नकल रह ह। उस तरह, रकरड, उस तरह। अपन चच क खश कर. तमहर चच बहत समय पहल यह मझ छत नह ह इसलए मझ कस ऐस वयकत क जररत ह ज मझस पयर करत ह। ममन, म कभ सच भ नह सकत थ क तम मझस वह मगग ज म चहत ह आप पछन। म कशश करग क आपक नरश न कर. रकरड, परय, मझ पत ह क तम इस खन क बद ऐस नह करग दख, पडस क सथ कय करत ह? ममन न मर बट क धकक दकर बड सफ पर गर दय चहर ऊपर करक, वह मर बट क खल टग क बच खड ह गय और अपन मनरजन कय धर-धर जघ क चटन, उनक आर-पर ऊपर-नच जन, बचन हर समय रकरड क परतभशल सदसय स सपरक कर। क बलकल कतय मर भभ क इरद वह स भगकर मर पयर बट क कषट पहचन क थ उस अभतपरव मसपश क खतर। वह अपन मठ दत स खलत हए धर-धर ऊपर चल गय जब तक जभ रकरड क नपलस तक नह पहच गई, जब उसन हठ क महसस कय त वह करह उठ और उन पर मर भभ क जभ क नक. ऐस, मस, वस। आप मर सथ ज करत ह वह मझ पसद ह, इसस मझ बहत कछ मलत ह आनद। इस जर रख। रकरड, म चहत ह क तम कछ दर क लए पडस क भल जओ। कषण. म जनत ह क आप हम दन क सतषट कर सकत ह. मझ कई लडक नह लगत आप जस यव क एक ह समय म द महलओ क आनद दन म समसय हत ह। म नह मझ जलन महसस ह रह ह कयक आप कलर क सथ सत ह, म कवल इतन चहत ह क आप मझ खश रख समय - समय पर। मर कमक भभ बहत धर धर नच गय जब तक म अपन बट क यवन तक नह पहच गय। उसन कमक दषट स उस सदसय क दख ज मर थ बट न उस ऑफर कय. उनहन एक लब मनट बन बड समरपण क सथ इसक परकषण करन म बतय फलहल आग बढन क सहस कर। उसन रकरड क जरदर तन क अपन हथ स पकड लय दहन हथ स और उस जर स नगल लय। म इस अब और बरदशत नह कर सकत थ। परशन करन वल तसवर और मझ रहत पन क ततकल आवशयकत थ सकरट। मन अपन द उगलय क अपन हठ और अपन जभ स गल कय और उनक ओर नरदशत कय मर भग हई यन. कमक ममन क अनप-शनप खत हए दखन रकरड क हडलबर मर सहनशकत स कह अधक बड थ। जस मन कह थ वस ह थ अपन पत क बह म दख लकन वह कस भ कलपन स पर थ। मर भभ न उस पगल क तरह चसन और चटन क आनद लय। मसपश ऊपर और नच. यह लगमणड स शर हआ और धर-धर नच क ओर चल गय उस लग क लबई और चडई उन गद तक पहचन तक जनस उसन चस थ अधकत। मझ अपन बट क आनद लन क कई जलद नह थ, मन उस पर तरह प लय थ उनक डजइन क वतरत कय गय। उसन मदद क लए रकरड क लड पर थक दय उस चकन कय और थक क हथ स ऊपर-नच फलय। कफ समय बद उस खलन स मज लत हए उसन उसक बलउज क कस कर पकड लय और खच दय मर बट क उसक वशलत दखन क लए बटन बद करन जन सतन क रकरड न अपन कबज म ल लय, उनह बड भख स खन शर कर दय। उसन अपन सकरट उठई और कषटपरद पट स छटकर पकर बठ गई। उस घमवदर उपकरण पर तज स तब तक चढ जब तक क वह पर तरह स उसक नम म सम न जए गह. जस ह उसन खद क गरम उपकरण स झलस हआ महसस कय, उसक चहर पल पड गय। ज उस चभ गय. उसक आख उसक सर म घम गई और उसन एक दयनय चख नकल। उस जलत हई छड पर चपक जन पर दरद क। वधशल स कह मन रकरड और उसक चच क वशय क बर म एक अदवतय दशय दख उनहन कय। मन दख क कस मर बट क कल बन आरम कए उस जगह स अदर-बहर ह रह थ। बल वल बलल, जस ममन उछलत ह और उस जहरल डरट पर इतन उछलत ह इसस उस खश मल. रकरड न अपन हट चच क सतन क कस कर पकड लय उस सतलन बनए रखन म मदद करन। ममन खश स दहडन लग और अपन सर नच फक दय अपन सदर परम क छत पर दन हथ रखत हए पछ क ओर। दवर अपन ओर स, मर बट न सकरय रप स सहयग करत हए नतब क जर स पकड लय वह अदभत मथन. उसन मक क फयद उठत हए जबरदसत नतब पर थपपड मर ममन, ज जर-जर स चलल रह थ, अपन इलज क लए रकरड क धनयवद द रह थ। दय। आखरकर मर बट न अपन लड उसक चत स नकल और ढर सर लड बहर नकल दय दध क मतर ज उसक पयर चच क लल नतब पर समपत हई। लनत ह, वह ममन क लड स कय सह शट परपत करन म कमयब रह थ। म नह कर सक जब तक क म अपन पट भरकर इसक समधन करन म सकषम हए बन उनक बगल म सह न ल मर तरल पदरथ. उसक द दन बद वसफटक हआ बठक म मन ममन स बत क क कय हआ थ। वह मर ओर दखकर मसकरय शतर और मझस कह क उस लडक क जवन शकत बरबद नह क ज सकत। उसन सझव दय क अगर मझ कई आपतत न ह त म इस सझ कर, तक उस ईरषय न ह। अपन परम क म क सथ. अपन बट क उन औरत क सथ चदई करत दख कर मर मन उततजत ह गय यह बहद परशन करन वल थ लकन मर हन क वचर कभ मर कलपन म नह आय। ज रकरड क दलर क आनद उठएग। ममन न कस भ पल क फयद उठय जब हम मल त मझ वसतर स बतय क उनहन कय-कय कय। मझ रकरड क सभ कलपनओ, उनक दवर पहन गए असखय पद पर टपपण क आखरकर, बसतर पर जन क बवजद उसन उसक सथ परचर सह शट क वयवहर कय कलर क सथ भ, मर बट म उनक गड, छद क चदन क इचछ पद हई क दन म स कस न उस नह दय थ कयक व डरत थ उस हर क आकर. मन हर दन अधक स अधक हसतमथन कय। यह कलपन करत हए क मर भभ न मझस ज कछ भ कह वह मर सथ भ घटत ह सकत ह। आखरकर एक दपहर मन अपन जवन क सबस पगलपन भर कम करन क फसल कय। जदग। म उस बखर क और बरदशत नह कर सकत ज मझ पर हव ह गय ह। थ पर तरह स जनत ह क उनह उकत कदम नह उठन चहए लकन इन ममल म हम परणम क बर म सच बन अपन इचछओ म खद क बह जन दत ह व हम ल ज सकत ह. खन क एक घट बद मन अवसर पकर सनन कर लय। ठड कयक यह असहनय रप स गरम थ। जब म सखन गय त मझ रकरड क बलन पड खर, म तलय लन भल गय थ. बशक म उस नह भल थ, लकन मझ अपन बट क बथरम म ल जन क लए कई बहन चहए थ। परवश करत ह रकरड क दरवज खटखटन क बद म उस दखत हए उसक तरफ पठ करक खड ह गय इसक सर शभ मर नगन नतब ह। मर बट एकदम रक गय उस तमश स पहल ज उसक म न उस पश कय थ। मन तलय लय और वह खल ह बहर आ गय कई टपपण. वह बथरम क दरवज बद करन भल गय य शयद उसक कई गलत नह थ। उसक ओर स वसमत क करण, मन अपन तवच क बहत धर-धर सखय, यह कलपन करत हए क म उसन खल दरवज स बन छट स जगह स दख। मर पस नह थ मझ सदह थ क म ऐस कर पऊग इसलए मन अपन सतन क सहलन शर कर दय मर उगलय क सपरश स नपल खड ह गय. मन अपन हथ नच कर लय जब तक क म अपन तक नह पहच गय करच क भगय और उसक सथ खलत हए धर स मर भगनस पर परहर कय कछ अतहन सकड. मन कलपन क क मर बट क हथ न उसक जगह ल ल ह मर मझ तब तक आनद दत ह जब तक म अपरतयशत सम तक नह पहच जत। मन अपन आख बद कर ल जस ह म मन म आय, शकत। मन अपन नगनत क एक सफद बलउज और एक कल सकरट स ढक हआ थ यह मर घटन तक पहच गय. मन रकरड क रसई म पय और उसक ओर दख इचछ स भर आख मर सतन और मर गड पर टक हई ह। उसक कमर अगर मन जलद न क हत त उसक पहन हई जनस क नच एक बड उभर बन गय थ मझ यकन ह क बचर बन दर तक टक रह कर फट जएग। मन उसस यह कह यद उसन बहर जन क यजन नह बनई ह त बदल ल और मझ बतय क वह उस दपहर क करण अपन कमर म ज रह ह मझ कछ चज करन थ. पच मनट बद मन उस बलय, वह तयर हकर आय एक सफद ट-शरट और टरकसट शरटस। रकरड अभ भ थ म उनक दवर परसतत तमब क दखकर बहत उतसहत थ। -बट, मझ त कफ समय स मलम ह क तमहर कसक सथ सबध रह ह कलर और आपक चच ममन क सथ। मझ कई आशचरय नह ह क एक मजबत और जवन लडक पसद ह आपक समय-समय पर एक अचछ महल क सथ अपन इचछओ क वयकत करन क जररत ह, ऐस ह आपक उमर म कछ समनय ह। हलक आपक उस घटल क बर म अवशय सचन चहए अगर उनक पतय क पत चल त व सवर करग। अगर तम चह त म तमहर मदद कर सकत ह जब आपक इसक आवशयकत ह तब अपन जनन क दर कर। यह तमहर और मर बच एक रहसय हग। आपक पत क कछ भ पत नह चलन चहए, कलर और आपक चच क त बलकल भ नह। य शबद कहन क बद म शरमय बन नह रह सक। उसन ज परसतवत कय थ उस पर अभ भ वशवस नह ह रह ह। मन एकदम मह मड लय शरमत हए मन सक स कटलर और कछ गलस पर सबन लगन शर कर दय। डबन। अब पछ मडन क कई रसत नह थ, अब ज कछ बच थ वह रकरड क नरणय लन थ। अगल कदम उठन क लए. और नसदह उसन द दय। मन आपक उपसथत पर धयन दय मर पछ परशन ह रह ह और कस उसन मर सकरट क नच हथ डल इस तब तक उठत रह जब तक क मर गल नतब क ढकन वल पट न दखन लग। जब मन महसस कय क वह मर तवच क रगड रह ह त मर रगट खड ह गए, मन जर स आह भर मन उसक कम आसन करन क लए अपन टग खलत हए बन मन कए उस ऐस करन दय. उनक मगरओस. रकरड न मर सवदषट गड क दन हथ स पकड लय, खजत हए उनम स एक वह खजन ह ज मर करच म रख हआ ह। मन खद क बलकल पय उसक सभलन क वजह स म भग गई और जब वह मर पस पहच त म और भ जयद भवक ह गई भगशफ अपन चचल उगलय स। मन अपन गल हठ क तब तक जर स कट यह दखकर क उनक खन कस बह रह थ, म पर तरह स अपन बट क परत समरपत ह गई। आपक उगलय उनहन मर भगशफ स लडई क, मर यन क हठ क धर स खल पहल एक उगल डल और फर दसर बर, बन आरम कए हसतमथन कर। क इस तरह वह मझस उस दपहर क पहल सभग सख परपत करन म कमयब रह। मर बट न इसक नरदशन कय मर जररतमद गद छद क ओर उसक खल हथ। मर क कई सल ह गए थ पत न उस जगह क नह सहलय. मन बन शकत क सक क कसकर पकड लय। दसर बर कमग स बच। रकरड इन करय म नपण थ। अपन यववसथ क बवजद. उसन घबरकर अपन सवटपट नच कर दय और बन उनहन बड चककर म एक खशहल यगमन क तलश क; हसल करन क लए पज क बल खड रह मर बरबर आ गय और अपन सर मर गल हठ पर खतरनक ढग स रगडन लग। यनय ज ऐस अतथ क मजबन क लए उतसक थ। यह बन कस कठनई क मर यन म परवश कर गय, इसक वजह यह थ क इसन मझ कतन गल कर दय थ। मल। जस ह मन उसक सपरणत क महसस कय, मन एक पड भर करह नकल एक ह धकक क सथ सदसय जब तक वह अपन भर हई गद क मरन बद नह कर दत मर बट क जलत हई तवच पर. उसन शर स ह मझ कलह स पकड लय मर चत म तब तक अनदर-बहर हत रह जब तक मझ वसतव म चदई क लय नह मल गई दलचसप। यह सपषट थ क वह जनत थ क एक अचछ महल क सथ कस वयवहर करन ह, वह यह जनत थ। उस ममन और कलर क सथ मलत हए दखन क बद बहत कछ हआ। अचछ बत यह ह क उनम कछ कषण म म अपन शरर म इसक आनद ल रह थ। उसन मझ बतहश चद अपन यवन मर नतमब पर उछल रह थ। कई बर उसन अपन एक डलन क कशश क मर गद म उगलय. इस दलर न मझ अपन सस खन पर मजबर कर दय सकषपत कषण. उसन अपन मरदनग पर तरह स लग द, कछ क लए रक गय सकड जब तक क आप अचनक इस फर स बहर न खच ल और फर स अदर न आ जए। त एक और मझ फर स उस आशचरय क सवद चख रह ह जसन मझ बहत आनद दय। परदन कय। रकरड न अधक गत परपत कर ल, जसस मझ यह समझ म आ गय क उसक बलफइट करब थ. अचनक उस नल स पन क तज धर फट पड। गरम शकरण ज मर अदरन हसस म फट पड और ज कछ भ थ उस नषट कर दय उसक पहच क भतर रख. म फर आ गय, पड स सक पकड लय। हम कछ कठनई स तकत हसल करत ह। रकरड बन रह इस हटए बन मर अदर, कयक हल क बवजद इसन अभ भ एक नशचत शकत बनए रख ह दडन। उस लडई क खतम करन क लए हम दन क दसर लडई क जररत थ। अनचरपरण मठभड. म उसक हथ पकड कर अपन कमर म ल गय. उसक लए दलन म मन तरत अपन सकरट और बलउज स छटकर प लय, जबक मर बट उसन कषटपरद पट और जघय उतर दय। हम पर तरह स थ मर शयनककष म आमन-समन नगन। रकरड मर शरर म सर स लकर सर तक दड उसक पर मर सतन और मर जघ पर उसक चहत भर नगह क रक रह थ। मन उसक औजर क फर स ऊपर क ओर मडत हए दखकर अपन हठ गल कर लए। मझ फर स उसक सथ जडन क लए उकसत हए, मझ कफ समय ह गय थ मझ ऐस लग क म ऐस ह चहत ह। मन उस अपन बसतर पर लटय और चढ गय उस पर, मझ तब तक बठए रख जब तक क उसन मझ फर स अपन तज तलवर स कल न ठक दय। मर उसक वरय क वजह स चत पर तरह स तलयकत ह गई थ पहल स सतषट. म उस सदसय पर लटकर सरपट दड बन थक अपन यवन क बन थक घम रह ह। वह इस तरह चललय जस पहल कभ नह चललय, ज क बहत बढय थ हर कलपन स भ अधक. म खद क अपन बट क बह म पकर उसक आनद ल रह ह जस तरह स यह परशन करन वल थ। रकरड रहत हए म फर आय उनहन खद क परयस म अचक दखत हए जरदर हमल कए। ह गय। उसक लड म अदभत कठरत दख रह थ, म चह रह थ क वह मझ द द गध लकन सथ ह इसक आकर और मटई न मझ भयभत कर दय। म उसस अलग ह गय थकन क सपषट सकत लकन मझ अभ भ आखर तकत मल गई ह बसतर क कनर पर चर पर पर खड ह जए। बट, म चहत ह क तम इस मर गड म डल। इस मर अदर तब तक डल जब तक नच, म कवल यह पछत ह क आप इस धर-धर कर कयक यह कछ समय स अदर नह आय ह वह कछ भ नह. तमहर पत न वरष स मर सथ ऐस नह कय ह। रकरड न अपन वशल अग क अनत स सहलय शत बड मशकल स म अपन सर चदर स अलग कर पय और दख पय क कस बट न अपन लड पकड और उसक ढक हई तवच क फलकर हसतमथन करन शर कर दय गलनस आग और पछ। वह अधक स अधक खतरनक लग रह थ और कवल यह चहत थ इस अपन अदर महसस कर. मझ अपन नतमब पर उसक हथ क दबव महसस हआ। म ज कछ मर पस आ रह थ उसक डर स म कपन लग। मर बट क मसत मसत बहत थ मर पत स भ अधक मट और अगर उस पहल स ह मर सथ अपरकतक यनचर करन म कठनई ह रह ह, त मन कलपन क रकरड क सबस अधक कमत कय हग? म म तझ चदन ज रह ह. कस चज म आरम कर और आनद ल म तमह सपन ज रह ह... शत ह जओ, म तमह चट नह पहचन चहत, म बस चहत ह। आनद लन। अपन पर खल और पहल जस आनद ल। इसक बवजद उनक अतम शबद क लहज इतन अधनयकवद थ इतन उततजत हन क करण मर एक भ मसपश हलन क हममत नह हई। हलक, शकर जजञसवश, मन अपन सर घमय और रकरड क अपन लब रपयर स परहर करत दख मर अधर छद क परवश दवर पर अपन रसत बनन क कशश कर रह ह। यह सब ल ल, मईईईईई। वह आपक पस यह ह, इसक आनद ल, यह ह सभ आपक लय। आआअहहहहहहहहहहहहहहहह। इस बहर ल जओ, आगगगगगगगहहहहहह। तम मर डल गडबड. लनत ह। ह बहत बड। यह मझ जल दत ह। रकरड इस और कसलए नकल आप चहत ह. तम मझ मरन ज रह ह. उसन जलत हई डरल क अदर रखत हए मझ पर हसक हमल कय मर मलशय. म कशश करत हए कछ अतहन सकड क लए हश ख बठ अपन आप क मस क उस परभवशल रट स जड ल ज उसन मझ मर लए द थ सपरण आनद. रकरड न एक मनट तक सथर रहकर मर मदद क म फर स अपन सस पकडन म कमयब रह। उनक हमल हर बर हए और अधक तवर और, हलक पहल त म दरद स करह उठ, लकन मझ ऐस करन म दर नह लग खश स हफन. ऐस, ऐस, मर बचच. अगगगगगगगग। और, और, मझ द और अधक. ऑगगगगगगगग। ज भ आप सबस जयद चहत ह, उस बहर न नकल। लनत ह। मझ और जर स चद, रकन मत. तम मझ मर द आनद। यह बहत अचछ ह. हम गरम म जनवर क तरह सस लत हए चलन लग हम उस हव क तलश म वयसत ह जसक हमर फफड क ततकल आवशयकत ह। रकरड न मर नतब पर जरदर परहर कय, मझ चदत हए मझ चद असल जनवर. मन महसस कय क उसक लड क दबव मर मसपशय क तड रह थ गद हलक म कमततजन क कगर पर थ, फर भ म अपन ऊपर कब रखन म कमयब रह मन सस ल और अपन अगठ स अपन भगशफ क सहलन शर कर दय मन अपन बक उगलय अपन फल हई यन क अदर डल द। व खश मझ लग क यह इतन तवर थ क म इस रकन म असमरथ हकर दबर आ गय। म हलन चहत थ लकन मर बट क शरर न मझ ऐस करन स रक दय। पछल रन रकरड क धनयवद वह बन कस थकन क लकषण दखए सहन करत रह। उसन मझ बर-बर मर और मझ परशन कय मर ओरगसम एक क बद एक हत गए। वह शशवत सभग कह अधक बढ गय मर सर उममद. म, म कमग कर रह ह। इस ल ल। अगगघहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहहह। मर सर दध तमहर लए. ह. ह, इस मझ द द। अपन म क अपन सरवसव स भर द गरम सह. अरररररगगगग। यह मझ अदर तक जल दत ह. ओह, मर भगवन। मझ सब भर द. ह. मन चदर फडन क कशश म अपन नखन जर स गड दए मझ पर आकरमण करन वल सर ऊरज क मकत करन क लए। रकरड न मझ परसनन कय उसक अडकष म मजद सर शकरण मर गलर म पर तरह भर गय गद. उस भयनक चदई क अत म, मन उसस वनत क क वह इस मर गद स न नकल, म उस अपन भतर शशवत रप स नटस करन चहत थ। मझ लग जस वह आशचरय ख रह ह इसक पछल तकत तब तक थ जब तक यह अपन आप मर गड स बहर नह आ गय। म रकरड क ओर मड दरभवनपरण चहर क सथ उस दखकर मसकरय। वह बसतर पर गर गय और म अवसर क लभ उठकर लट गई। उसक बगल म और मर सर क यह दखन क लए आरम द क उसक बद उसक दल कस जर-जर स धडक रह थ लडई हमन लड थ.
