म एक कहन लखन चहत थ लकन जब मन लखन शर कय त ऐस ह गय पर फलम मर दमग म थ और मन इस द दन स अधक समय म कय, इसलए यह बन गई एक कहन, मझ आश ह क कस क पस इस पढन क समय हग कयक यह सच ह, थड स मन ववरण क मशरत कर दय ह, लकन म इस अब और सह नह कर सकत इसलए यह बहत लब ह गय ह, जस तरह स म इसक वरणन करत ह यह अतशयकतपरण ह कयक मझ यह महसस करन अचछ लगत ह क म वस ह ह दखभल क गई, दरवयवहर कय गय य जबरदसत कय गय (म थड मरदवद ह), म शदध सकस क बर म नह बतत, शयद कई मझ कस क बगल म सन स हन वल आनद क करण बत सक एक आदम, य एक भल, य शयद अनय लग एक सनय आदम हन क सपन दखत ह, तक आप अपन खयल रख, म चहत ह क आप सकस क समदध क जन, कयक म आपक बतत ह क मर पस कय ह वह सब और वह मर पत ह। म रजधन इकवडर स ह और म आपक बतन ज रह ह क म कय ह जब म छट थ, तब स गजर चक ह, अब म सकल क आखर वरष म ह, 170 सम मर पस एक शरर ह, मझ लगत ह क म एक भल क सभवन ह, जसक कलपन म वरसत स करत ह पतज, मर बल अचछ, थड सनहर ह ज मर ऊपर बहत रमचक लगत ह। शरर। मर पस लगभग 17 सम क मरग ह, यह कई वरसत नह ह (मर पस हत)। अचछ लग क यह ह), खर यह बर नह ह लकन मर पतज क तलन म यह ह छट। खर, अब जब मन इसक अदज द दय ह क यह कस ह, त म इसक बहतर वरणन करग। यह ह एक 185 सम क आदम मझस जयद कल ह, उसक जवन क लए मट शरर हन चहए सनय, यन वह शररक अभयस ज मर दश क सन म आवशयक ह। दखन लयक शरर बन लय, हलक अब उसक पट पहल स ह थड बढ गय ह लकन मर रय म वह बहतर दखत ह, उसक पस सन म मजर क पद ह, ए उसक पर शरर पर बहत घन बल ह और वह बहत घन मछ क उपयग करत ह ज उस ऐस परदन करत ह एक कठर और असभय चरतर वल वयकत क उपसथत, ठक ह वह ह, लकन ऐस लग क सथ आप उस जनत ह, वह बहत सहरदपरण और दयल ह लकन फर भ वह सममन परदरशत करत ह। खर, व कय चहत ह? म आपक उसक सबस अचछ हसस क बर म बतत ह, गद क सथ 22 सम क शदध लड जसक बर म म नह जनत कस चल, य लटकत आड क तरह हत ह ज आपक सममहत कर लत ह। जब व चलत ह त अपन पडलम क सथ। मर पतज क सथ मर बहत अचछ सबध ह, यह उनक वजह स ह रह हग। उसक सथ अकल रहन क परणम कयक जब म 10 सल क थ तब मन अपन म क ख दय थ, इसलए म हमश उनक बहत करब थ। मझ लगत ह क बहत छट उमर स ह म इस वकसत कर रह थ यह महसस करत हए क मर मन म उसक लए कछ ह, कलपन कजए क म उसक लटन क इतजर कर रह ह मर रमब क लए बरक य मर जआई ज क लए मर सपरमन। छलवरण पहन एक वशलकय वयकत क वह अपन बर सवभव क सथ आय थ जस उसन मझ अपन बह म फक कर दर कर दय हजर चमबन, हलक मझ यह पसद नह थ क उनक दढय मर चहर क खरच मन उस अपन बह म उठय और हम घर म दखल हए, उसन मर म क चबन लकर सवगत कय हम रतरभज क लए ज रह थ, यह दनक अनषठन थ। बसतर पर जन क समय ह गय थ, कवल उसक पस ह थ उस मझ मर कमर म ल जन पड कयक म ऐस चहत थ, मर म मझ सल नह पत थ। कभ नह, मर पतज क नहन क बद मझ अपन बसतर पर ल जन पडत थ, वह अलग बत थ अनषठन, वह पहल स ह अपन सनन वसतर म अकल थ और म पहल स ह अपन पजम म उसक इतजर कर रह थ मन एक कतब पढ, समनय बचच क कहनय जब तक मझ नद नह आ गई, हम दन उसम चल गए हमन अपन बसतर आरमदयक बन लय, म उसस तब तक चपक रह जब तक क मन उस पट स नह पकड लय ऊपर तक फल नग बल स भर उसक गरम छत पर स जओ उसक लबद क ढक द, मर म कभ-कभ परशन ह जत थ क वह बहत दर तक मर सथ रहत थ। नसदह उस तब तक रकन थ जब तक म स न जऊ अनयथ म उस बहर नह जन दग। अपन बसतर स, म कलपन करत ह क ऐस इसलए थ कयक वह भ उसक सथ रहन चहत थ और म बसतर पर उसक इतजर कर रह थ। ऐस तब तक हत रह जब तक मर म नह रह, जब म 10 सल क थ, तब म वह बचच नह रह गय थ ज उनक कहनय पढत थ, बलक मन उनस पछन शर कर दय जब तक मझ नद नह आ जत, पतज फर स मर बसतर पर ह रहग, उनह भ कषट हआ मर म क बर म बहत कछ और म कलपन करत ह क वह चहत थ क म उस अपन और उसक बगल म महसस कर मझ भ अपन पस रख. उनहन कछ वरष बन कछ कय बतय, व कवल चत करत रह म ठक ह, अब मझ एहसस हआ ह क कई महलए पयर क लए उस ढढ रह थ, य उनम ऐस लड डलन क लए, लकन वह कछ भ जनन नह चहत थ, जब तक क म नह ऐस ह चलत रह और कछ समय क लए वह फर स अपन सनय सथय क सथ बहर जन लग, उनक परटय यह सनय समज म बहत आम ह, हर कई एक दसर क अपन यह आमतरत करत ह परटय और बठक, कछ त मन ल लकन कछ नह, इसलए म बस चल गय म अपन करमचर क सथ रह, एक महल ज धर-धर सभ क खयल रखत थ घर क ममल. जब वह आय त मर पतज क सथ मर सथ कछ कमक घटत हन लग। अपन छट-छट परटय क नश म, कभ-कभ वह कफ चककर खकर आत थ और कवल म ह आत थ मझ इस परपत करन पड कयक मर करमचर पहल बर रत 9 बज तक रक थ एक बर मन इस अकल ह परपत कय और मर सथ ऐस हआ। वह पहच और अपन बसतर पर गय, लकन वह इतन नश म थ क ऐस नह कर सक। वह अपन कपड उतर सकत थ, वह सरफ अपन कपड उतरन क चहत म करब आध घट तक रक रह। सनय जत क फत म कई गठ पड गई और उनह हटय नह ज सक, इसलए जसन मझस मदद मग, म थड डरत हए उसक पस आय, जब मन उस दख त शप द दय और अपन पर बर चहर क सथ, म धर-धर पस आय और उसन मझ और न जन कतन चख सनई शरप न मझ उसक जत उतरन क लए कह जसस मर आस नकल आए डर हआ, खर जब तक म उनह उतरन और उसक मज उतरन क परबधन नह करत, मझ भ कछ ह गय। उसक पर दख, इतन मजबत, परपरण, बल वल और चमड जस गध क सथ म नह जनत। उसक जत म स उसक टरनग क पसन नकल हग, कयक उनम स बदब नह आ रह थ वह हमश अपन सफई क लकर बहत चतत रहत थ, लकन उनम एक रमचक गध थ, फर उसन अपन छदम कट उतरन शर कर दय और वह कवल एक ट-शरट म रह गय। पतल हर रग ज उसक मसपशय क चहनत कर रह थ, फर उसन अपन पट उतरन शर कर द मझ हर अडरवयर म छडकर, मर पस जवन भर यह थ मर समन लकन इस बर म अपन समन वल आदम पर वशवस नह कर सक, मझ लगत ह म पहल स ह उस उमर म थ जब मझम कमकत जगन लग थ, आखरकर उसन अपन शरट उतर द और जब उसन उस अपन अनय कपड क तरह फरश पर फक दय त उस एहसस हआ म अभ भ वह उसक गद कपड क बच थ, मन उसक चहर पर एक नजर डल हग। उसन आशचरय वयकत कय और मर चहर पर अभ भ आस थ और उसन परतकरय वयकत क और मझ गल लगन क लए झक गय और उसन अपन मजबत भजओ स मझ उठ लय और मझ कसकर गल लगत हए खड ह गय, वह दख ह गय और उसन मझ पर चललन और मर जस वयवहर करन क लए मफ मग उसक अधन. मन उसस कह क सब ठक ह और म उसक लए एक गलस पन लन गय। जब वह वह लट हआ थ त म उसक पस पहच और उसन अपन पन पय और मझस भ पन क कह उसक सथ सय फर उसन मझस मफ मगन जर रख और मझ एक चमबन दय जब उस अपन मछ महसस हई त उसन अपन पर शरर हलय। मझ नह पत क वह पहल स गय य नह। लकन मन इस अकल कय, मझ लगत ह क उसक वहसक क सस क गध स म इसक कलपन करत ह इसन मझ मदहश कर दय, म उसक सस क सघन जर रखन चहत थ, तबक क गध क मशरण और शरब म इस सघकर ज नह प रह थ, इसन मझ बहत उततजत कर दय, जब तक क म स नह गय, म न जन कतन दर तक कस ऐस चज क सथ रहन क बद उठ, ज मर दम घट रह थ, वह उसक बह थ। ज मर गरदन स हकर गजर, म कमबश उसक ऊचई पर उसक समन कर रह थ छत, सत हए आदम न मझ उसक करब ल दय, मर मह और नक पर तरह स बद ह गए उसक छत म धस हआ, मझ लगत ह क म महम म जग गय, म उसक पसन क सवद ल सकत थ गल बल क उस जगल म, अपन शरर क गध क सथ अपन वशषट सक कलन क सघ, म एक इच भ नह हल, मन उसक पर शरर क अपन शरर क सथ महसस करन शर कर दय, जब तक जब मझ उसक मककबज क बच कछ हलचल महसस हई त म ठठक गय। मर जघ क छडकर, तरकक रप स म सकस क बर म एक सपन दख रह थ, मन लन शर कर दय ज बढ रह थ उस पर अधक धयन द, जबक इसम थड आग-पछ क हलचल ह। मझ पत थ क कय ह रह ह, यह एक बड जनवर थ ज अपन पजर स बहर नकलन चहत थ, वह जल रह थ ऐस महसस हआ जस कई जनवर मर जघ स टकर रह ह और जस हथ न मझ पकड रख थ दम घट रह थ, यह मर पठ स नच क ओर जन लग और इस बर मर नतब तक पहच गय म डर गई त उसन मझ वह पकडन शर कर दय और जह म हलक स चख नकल, वह मझ भचन लग। जसस वह जग गय और बसतर स कदकर हश म आय और स गय। उसन पछ क कय हआ, मन सन क नटक कय लकन मर आख क कन स मन उसक अडरवयर दख। वह पहल स ह फट रह थ, जब उसन अपन लड क और अधक समयजत कय त वह परशन ह गय ऐस लग रह थ जस उसक पस कई बलल ह। ज कछ हआ, उसक बर म उसन कभ नह सच य कई बड बत नह क। यह बस एक सपन थ और बस इतन ह। एक दन मर पत एक पगल चहर वल महल क सथ घमन लग। नमफमनय, जब तक वह उस नश म मर घर ल जन लग, वह अदर घस गय घर म और वह अपन शयनककष म ज रह थ और उसन इस महल क सथ करर यन सबध क बर म सन मझ लगत ह उसन कई बर उसक गड तड हग, तब जकर य हआ मर लए भजन और हर चज म उसक सथ आन समनय बत ह, तरकक रप स मझ यह पसद नह ह। मझ यह पसद आय और मन उसक लए जवन क असभव बनन शर कर दय, उसन सच क वह अकल मर म थ। कयक मर पतज क गड फट गई, म एक बगडल बचच क तरह वयवहर करन लग, वह मझ मनवजञनक क पस ल गय, जसन उसस कह क अभ उस बदलन क समय नह आय ह। मर म, यह सब झठ थ, हआ यह क मझ ईरषय हई और मन इस बन दय, मन इस बन दय मर पत क जवन छड दय, ठक ह, मन ऐस सच, जब तक क एक दन वह नह आ गय फर स नश म और म उस अपन बसतर पर ल गय, वह पर तरह स स गय जबक म नरवसतर, इस बर वह परड क वरद म थ (गल) न अपन जत नकल उसक सटकगस, मन उसक सटकगस, उसक जत क सघ, उहममम मर लड अब खड हन लग वह वसफट कर रह थ, मन उसक जकट और उसक सफद शरट उतर द, वह मर दय पर थ, मझ उसक गध आन लग उसक छत, उसक बगल, उसन सब कछ सहलय, लकन कवल उसक पट गयब थ, उसन अपन पट नकल ल उसक पट क पटट और मन उसक जप क नच करन शर कय, उसक सफद सलप दखई द। नरम और चमकदर लइकर, मन उसक पट नकल और उस उभर क दखन शर कर दय अदर बहत बड आकर बन रह थ, म करब गय और मन दख क उसक परच पर नशन थ लपसटक क, कई रड मर पप क लड ख रह थ, म म उसस टकरए बन जतन ह सक उतन करब आ गय और मन उस सघन शर कर दय, उसक लपसटक जस गध आ रह थ कलन और उसक शरर स पसन जस गध लकन तज, म इस बरदशत नह कर सक और मन उसक कचछ क ऊपर स उसक लड क रगडन शर कर दय, उह यह कछ ऐस थ जसन मझ लगभग मर डल एक हमल न उसक फसलन क कम कर दय जब तक क उसन इस रकषस क मकत नह कर दय, मझ इस पर वशवस नह ह रह थ, यह एक थ ज लड आरम क सथत म थ, वह वस ह थ जस क उन वरष म मर खड हआ थ, मझ एहसस हआ क 12 सम उस मपन क खश, उसक खतन नह हआ ह (खर म भ नह ह) यह एक बध थ यह बई ओर गर, उसक अडकष क ऊपर सथपत हआ, मझ नह पत लकन म इस दख रह ह परभवशल, मन इस उठय, मन इस सघ और मझ लगत ह क इतन अधक दखभल क करण यह वह बढन लग। म डर गय थ, मझ लग क वह जग जएग, मन उसक परच खच, उस ढक और अपन शयनककष म चल गय मर पर जवन म सबस अदभत तरक स हसतमथन करन। अगल दन मर पस थ बहत डर थ क उस महसस हआ क मन उसक सथ कय कय और एक फज पत हन क करण ऐस नह ह मन कलपन क क वह मर सथ कय कर सकत ह, लकन उसक नश अधक थ, वह जग गय हमश सबस समनय और मन कछ हआ ह न ह। वस, एक दन हम आरम कलब म गए ज लग वह जत ह, उनह जनन वल कई वयकत मर बत स सहमत ह सकत ह, मर पतज वह गए थ डइवग पल, और एक अचछ एथलट क तरह उसन सबस ऊचई स गत लगय लब थ, उनहन मझ उस पल म परवश नह करन दय कयक म छट थ, अचछ बत ह कय यह मर पतज क दसर गत क तरह ह, वह बर तरह स पन म परवश करत ह, और इसस उनह नकआउट मल जत ह एक सहकरम उस दखत ह और मदद क लए चललत ह जब तक क उस नच स नह हटय जत जह वह ह। रक, जस कषण व उस बहर ल जएग और उस उस पल क कनर पर छड दग जसम म थ यह सचकर सदम लग क म मर रह ह, उनहन उस बहर नकल और सरकष लग न कह वह ठक थ, क पन क मर क करण वह KO क तरह थ, लकन बहत कछ क बच भरम और हतश म, कस क एहसस नह हआ क उसक सनन सट ख गय ह। बहर आय, वह सपड क लए नह थ, वह हमश उनह ढल य खल पहनत ह, मझ लगत ह क कयक उसन ऐस नह कय थ बड ऑरडर धयन दन यगय थ, खर मन अपन एक पर पकड रख थ पतज ठड थ, मर पतज क दसत मझ दर ल जन चहत थ लकन मन उनह पकड रख थ। म खड ह गय और वह स नह हल, मझ लगत ह क यह जजञसओ क चहर क वजह स थ सन क महलए और नशचत रप स सरकष क कछ "परष" भ उनह एहसस हआ क वह नगन थ, खर उनह इसक एहसस नह हग उस पर कई बड चज लटक हई थ और उनहन उस कमबल स ढक दय। म डरन क बद सचत ह यह सबस बड सफलत थ क उनहन कलब म महलओ क नगन दख उनहन उसक बर म पछ और सदश भज जस, हल मजत, अपन पत स पछ कपटन xx क पतन क लए पकज तयर ह, मझ कल कर, य जब म खरदर करन जत ह त पकज ल जत ह, अब मझ एहसस हआ, कय? व जकर कर रह थ. और मझ लगत ह क म "लडज" कलब क आध हसस घर ल आय ह सन (ज वसतव म लगभग सभ सदर वशयए ह जनक लए शद क जत ह सनक क पहड स पकड), उनक गध तडन और उनह चसन क लए लड, कहन क मतलब यह ह क सर सन न मर पतज क लड चस लय ह उनक पतनय क, और फर व महलए बन जत ह ह, ह, ह। खर, कलपन कजए क अगर यह मर पत हत और यह उचत हत त मझ कस महसस हत मर लए, वह वजन बढन वल बन गय, वह अपन दसत क भ घर ल गय महलए, कछ ऐस ज म उस करत हए बरदशत नह कर सकत थ, वह वहसक और शरब क सथ बड परटय करत थ महलए और उनक अपरहरय सहकरम जनक बर म म कलपन करत ह क व तडव म समपत ह गए, खर, म कवल इसक कलपन ह कर सकत ह कयक व ज शर मचत थ, कयक मर पतज न मझ बतय थ मझ ऊपर मजल पर मर कमर म भज दय और म वह स बहर नह नकल सक, सकषप म यह एक थ सनय आदश. खर य शर-शरब और सगत क उन महफल म थ जनम हम नह हत थ मझ नद नह आ रह थ, हगम मच गय, औरत चललन लग क हम घर छड कर ज रह ह. कतय क फज बट ज सचत ह क व ठक ह, सब कछ शत थ और आप सन सकत थ बन अधक शर क बस हलक सगत, कछ मनट बत गए और म सढय स नच चल गय जब तक मझ उस कमर क दशय नह मल जह मर पतज थ, लकन म उनह नह दख सक, म थ बहत धम सगत क अलव सब कछ शत, म नच बलकन म चल गय मन लवग रम दख, म चहत थ क म कभ भ अपन कमर स नच न आऊ कयक मन ज दख, इसन मझ लगभग मर ह डल थ, मर पतज नग सन थ, उनक वकषसथल भर हए थ बल, हथ म डरक लए एक बड करस पर बठ ह और कई घटन क बल बठ ह उसक पर क बच स गयब ह रह थ, कई उस अचछ मख-मथन द रह थ, मझ यकन नह ह रह थ, मन पहल बर ऐस कछ दख थ, लकन कय जब मन उस वशय क दख ज मर लड नगल रह थ त म सदम म रह गय पतज, यह लफटनट मरकस एसटरड थ (यद आपन कभ यह मरकस पढ ह, आप पहल स ह जनत ह क म कह ज रह ह, अब आप उस पल म मर नज वशय बनन ज रह ह)। म फसल गय और बलकन क रलग स टकर गय और मर पत, ज उनक सथ थ, स टकर गय सर सफ पर लट हआ ह, वह ऊपर दखत ह और मझ पत ह रकन और भगन क चहत म, वशय न अपन शरट पहन ल और उस पकड लय जकट और गल क तरह बन पछ दख चल गए, मर पत उठकर खड ह गए उसक परच छट गई और म जह थ, वह भग गय, म भ भग गय मर कमर, मन दरवज बद कर दय और अपन बसतर क नच आ गय, मर पतज दरवज खटखट रह थ और मकक मरकर मझ इस खलन क लए चलल रह थ, मन उनह कई जवब नह दय। बन कछ लए, जब तक उसन एक सधरण लत स मर कमर क दरवज नह खल, म मर रह थ डरवन लकन जस ह दरवज खलत ह और मझ बसतर क नच यह लडक दखई दत ह पर बल वल और ऐस चहर वल जनवर ज मझ मरन चहत थ, अपन अडरवयर म मर कमर म परवश करत हए, उसन मझ जह भ थ वह स बहर नकलन क लए चललय, वह बथरम म मझ ढढ रह थ। मर कमर स और फर मर कठर म, लकन वह मझ नह मल, मन कवल उसक पर दख लगभग मर ऊपर कदम रख रह थ, जब तक क उसन बसतर क नच नह दख और एक हथ स मझ बहर खच लय। म जमन स उठत ह और वह अपन बए हथ स मझ थपपड मरत ह धनयवद, वह दए हथ क ह, कयक अगर उसन मझ अपन दहन हथ स मर, त मझ लगत ह क म स जऊग हमश, नशचत रप स उसन मझ तर दखन छड दय और मन उस चर क रप म दख (हलक ऐस चर पत हन बहत सदर थ) म सनत समय आध KO थ मर खलफ अपमन क एक शरखल यह पछ रह थ क मन कय दख, हलक यह सपषट थ ज मन दख थ लकन चक वह अधमर थ इसलए मन कछ उततर नह दय, नह कयक वह नह चहत थ, लकन वह नह कर सक और उस गसस आ गय और उसन मझ फर स थपपड मर दय, ज मझ और अधक KO छड दत ह और कवल एक चज ज मन क वह उस बहत कसकर गल लगन थ तक उस ऐस न करन पड मक ह क वह मझ मरत रह, उसन मझ कध स धकक दय और चह अलग हन क लए, वह चहत थ क म उस छड द, मन उस अपन चहर स पकड रख थ अपन आप क अपन सन स चपकए हए, इस सब म वह मझ और थपपड नह मर सक सघरष मझ उस सथत क बर म रगणत महसस हन लग, जसम मर पत अकल थ अडरवयर और जस तरह स म उसस चपक थ, म इतन चपक गई थ क मझ उसक बहत बड महसस हआ लड और अडकष मर शरर पर रगड रह थ और मझ उसक लड महसस ह रह थ और म दख भ रह थ बढन लग थ, यह उस कषण क उतसह य मर सथ घरषण नह हग शरर, एक कषण ऐस आय जब वह मझ लगभग अलग करन म कमयब ह गय और म उस पकडन म कमयब ह गय उसक छत क हसस लकन उसन ज सबस जयद पकड वह शदध बल थ जनह चट लग हग, और वह थड शत ह गय और मन उस जन दय, लकन अब उसक पर लड उसक पस थ। बहर पर तरह स लटक हई परच, म इस और बरदशत नह कर सक, मन खद क उस पर फक दय बड लड वह करन क कशश कर रह थ ज उसक "दसत" मर सथ करन क कशश कर रह थ उसक पर लड लकन पहल बर मर मह म घसन असभव थ मन अपन पत क लड क नग सर दख, उनह नह पत थ क उनक सथ कय ह रह ह, लकन मझ लगत ह क व उस ज द रह थ वह उसक लड पर अपन जभ थ (वह म थ), म मन मस क उस टकड क सवद लय जसक सवद सगरट और वहसक जस थ, बशक व वह थ एसटरड न लर छड, जब तक क वह जगरक नह ह गय और अब उसन एक डल दय चहर पर मकक मर जसस म जमन पर गरकर इतन चखन लग क मझ इस पर वशवस ह नह ह रह थ क उसक एक फगट बट ह, और मन उसस कह क मझ वशवस नह हआ क उसक कई पत भ ह। समलगक. मर नक स बहत सर खन नकलन लग, मझ लगत ह वह बहत डर गय। लकन उसम मझ मरन क बद मर पस आन और मझस पछन क हममत नह थ क कय म वह ह अचछ (अगर वह दबर मर पस आत त म उसक लड चसन क लए पकड लत) वह गल दत हए कमर स बहर चल गय जबक म उस रकन क कशश करन क लए बथरम म चल गई मर नक स खन नकल रह थ, म शत ह गय और स गय। म एक क सथ जगत ह मर नक म दरद ह रह थ, ऐस लग रह थ जस म मर रह ह, यह मर पत थ जनहन शर सन थ वह मर कमर म आत ह और मझ फर स खन क झल और सर तकए क सथ दखत ह दगदर, उस वशवस थ क उसन मझ मर डल ह य मर गरदन कट द ह लकन यह सच थ नक क पट टट गय, और खन फर स नकलन लग और म ठक ह गय म अपन ह खन स घट रह थ, तभ यह वसतव म अचछ ह गय मझ लहलहन दखन क डर स ह वह नश म थ, और रत हए उसन मझस पछ क वह उस मफ कर दत ह और उस इस बत क बहत अफसस ह क ऐस कई चज थ ज मन उस करन क लए मजबर कय मर सथ ऐस कर, फर वह मर बसतर क सरहन और एक थल लकर बठ गय बरफ और कछ कपड न रकतसरव क शत करन क कशश क, लकन वह समसय नह थ, समसय यह ह क उसन अपन बड, खरदर हथ स मझ बहत जर स दबय नक य ऐस इसलए ह सकत ह कयक वह टट गई थ जसस मझ बहत चट लग, वह मझ आपतकलन ककष म ल गय सशसतर बल असपतल म, उनहन उसस सवल पछ क मर और उसक सथ ऐस कस हआ म झठ बलत ह क यह उसक कर क टककर थ और उसन मझ टककर मर द थ। वडशलड (लकन उसक मटठ स) और उनहन मर नक क समयजत करन क लए मझ पर एक डल लग द। इसक बद ज हआ उसक बर म हमन बत नह क लकन उसन ज वयवहर कय वह मर परत बहत सनह थ, उनहन मझ पर बहत धयन दय और मर लए बहत स चज लय समगर, म वह सब कछ खरदन चहत थ ज मझ कपड, सड मल सक, वह मर लए ल आय उपहर और ज कछ हआ उसक लए वह सवय क कतजञ करन क लए कस परकर सवसथ हआ, जब तक वह पर तरह स ठक नह ह गय सवय उसक सटरक क उसक आख खन स भर पशच क तरह थ, और उसन कभ सध मर ओर नह दख। मझ लगत ह क उसन मर सथ ज कय उस दखकर उस दख हआ हग। बथरम म ज कछ हआ, उसक बद उसन और अधक खल वयवहर कय वह सरफ अपन तलय य सरफ अपन अडरवयर लकर बहर जत थ, कभ-कभ वह पर भग हआ बहर आत थ। बथरम स आप भर हए सन वल एक आदम क इस समरक क कलपन कर सकत ह बल, उसक शकतशल पर और सडल पर, उसक वशल और चड भजए वपस, इसन तरत मझ इरकशन दय ज कभ-कभ म नह कर पत छपय तक उस एहसस ह क इसस कय हआ, और मझ लगत ह क यह भ इस सथत क करण बन, यद नह, त यह ढककर बहर नकलन और इधर-उधर न घमन थ पर घर म, लगभग नगन, कछ छट बचच क बच म उसक वशल लड लडखड रह थ जघय कय म आपक बत सकत ह क उसक सथ मर पहल ओरल सकस कस थ? वह एक शनवर थ जब वह अपन सफद अडरवयर म घम रह थ, वह दन अचछ धप वल थ और म सवमग पल म कछ पय क आनद ल रह थ। घर भ छट नह ह, ऐस भ नह ह क हमर कई ओलपक ह, यह रजधन म धप वल दन गरम ह जत ह, इसलए म उन करसय पर लट हआ थ जस समदर तट पर, म धयन द रह थ क म कय कर रह थ, वह पहल ह आध प चक थ और उसन मझ आदशतमक आवज म बलय, मकस, मर लए बरफ लओ, ठक ह मझ आध मल गय जस तरह स उसन वयवहरक रप स मझ बरफ दन क आदश दय, उसस डर गय, (यह सनक हमश नश म हन पर वयवहर करन क एक तरक रखत ह। जस व दनय क मलक थ, इसलए व उनह जनवर और बक सब कछ कहत ह) खर, म रसई म गय और बरफ ल आय और जब म पस आय त उस ल ज रह थ पल और मर पतज कद गए थ और जब उनहन मझ दख त वह अपन अडरवयर क सथ बहर आए पर तरह स परदरश क मर अदर पहल स कह अधक गरम परवहत हन लग, मन मज पर बरफ छड द और उसन कह क मझ उस पय परसन द, मन उस परस और उसन बरफ प ल घर म परवश करत समय जब उसन मझ रकन क दसर आदश दय, त म बहत डर गय। कयक उस फर स नश म दखकर मझ नह पत थ क कय हन वल ह, उसन मझ लन क लए कह एक डबब म स कछ जर ज मज पर थ, मन उनह बहर नकल और उसन मझ यह बतय; आप करन ज रह ह मर पस ज बल ह, उनस छटकर पन म मर मदद कर, मझ लग क वह पगल ह यह सबस सदर चज ह ज मन कभ दख ह, वस भ, म ऐस नह चहत थ और मझ इसक परवह भ नह थ। मझ यह वचर पसद आय, लकन म चलल पड। आप कसक इतजर कर रह ह, मझ नह पत थ क कय करन ह उसक हथ स म उस करस क पस जत ह, म बतल उतरत ह, म उस खलत ह और यह ह गय। उसन अपन छत पर सतर जस गध वल एक तरल पदरथ छडक, फर एक तलय पकड लय। और उसन खद क सफ कय और बल ज रह थ, फर उसन मझ बतल द और मन उस जर रखन क आदश दय, पहल त म बहत घबर गय, ऐस दखन गभर हग उसक परदरश अडरवयर म तन हआ लड, मन यह तरल डलन जर रख और मन तलय स सफई क, म उसक पट पर जत रह, मन तरल पदरथ डल और म सफई कर रह थ, जब तक क म उसक अडरवयर क कनर तक नह पहच गय और उसन मझस कह, अभ तक वह नह, म उन शबद स परशन थ, अभ तक नह, इसलए म उसक पस गय पर और म भ उस "छल" रह थ और शत हकर म उसक पर तक पहच गय, नह मझ पत ह, मझ उसक पर बहत पसद ह, वह मठ तरक स तरल पदरथ अदर डल रह थ एक मलश क तरह नरम दलर क सथ हटन, मझ लगत ह क यह गद ह एक तकय बनय (कय आप सच सकत ह क उस तकय पर कतन अमर सय हग??) खर इन घट क बद म अपन शरर क जतन चह छ रह थ पतज, मझ ऐस लग रह थ जस मर लड बहत गल ह गय ह, मन सच नह थ क यह इतन गल हग। ह, ऐस महसस हन वल शरर पन भ बहत रमचक थ एक बचच क तवच, मलयम और नजक, उसक मसपशय, उसक पकटरल, उसक पट बहत अधक सडल दख रह थ, खर उसन अपन वहसक पन जर रख। जब तक मन उस नह बतय क मर कम खतम ह गय, उसन मर ओर उपहस क दषट स दख, और उसन कह क पछल हसस गयब थ, खर वह घम गय, शत ह गय और अचनक मझ सबस खबसरत नतब मल ज मन कभ दख थ, व द शकतशल पहड थ। जब मन उनह महसस कय त व बहत सखत और दढ थ, (बशक मझ इसक उममद थ फज) उसक पठ पर बल थ लकन अब वह उसक छत क तरह नह थ कम कम जटल ह गय, फर भ म उसक जघ और पडलय तक गय जह स उस अड क एक जड क सबस अधक वचलत करन वल दशय दखई दय वह एक वशल लड क सथ फट गय ज अभ भ असहज लग रह थ, और यह हन ह चहए उस परशन कय ह कयक समय-समय पर वह थड झकत थ और अपन हथ डलत थ कचछ क नच और अपन लड और अडकष क वयवसथत कय, समपत कय, और फर स उसन मझ यह बतय नह, वह फर स थड झक और अपन पट क अपन जघ तक सरक लय, ऐस उसन मझ बतय मन अभ-अभ उस बहर नकल थ, म यह दखकर मतरमगध ह गय क उसक गद कस लडखड रह थ लनत ह इसलए मन उसक बत नह सन, और चललय; अर तम मर बत नह सनत, मझस दर ह जओ एसएलआईप, उसन फर स आरम कय और उस हटन क सवध क लए अपन पर क थड ऊपर उठय परच, यह सपषट थ क उसक कछ हसस मड नह कय गय थ, ह, उसक बट, ज मन नह कय थ मन कलपन क थ क यह इतन बल वल हग, मन कभ धयन नह दय क वह कतन बल ह सकत ह। मर पस एक बट ह, इसलए मन यह "यतन" क कम शर कय, मन उस पर सपर कय तरल पदरथ और मन उस तलय स सफ करन शर कर दय, उसन अपन टग खल द तक म सफ कर सक उसक नतब क बच म मड, गद क एक जड तरत बच म बहर आ गई और एक पछ ज सफ पर टक हई थ, मन उस पर यह तरल डलन शर कर दय उसक बल म डलन क इरद स वह थड उछल और बल क थड स ह ठड थ त मन उस तलए स सफ करन शर कर दय, कभ-कभ त म सरफ अपन सथ ह गजरत थ उगलय सफ करन क कशश कर रह थ और उसक छद क छआ और मझ एहसस हआ क उसक लड मर वजन बढन शर ह गय थ, म बहत मट ह गय थ लकन मर वजन कभ नह भरत थ, मर बढन शर ह गय थ जब तक आप अपन अडकष तक नह पहच जत तब तक और अधक नच जए, जतन चहए उसस अधक तरल डल यह आठव बतल रह हग, और बहत ह नजकत स म उस सफ करन लग, रगडन लग और उसक बड गद क पकडकर, उसक लड न कछ नस बनन शर कर द ज मझ द गई म इस खन चहत थ, मन इस पछ स ख लय और मन उस सपषट रप स बत दय क कवल समन क हसस ह गयब थ, वह तरत पलट और गर पड गद आध मड हई, आध उमर म भ लगभग 18 सम, म बहत गरम थ लकन वह मर पत न मझस कह क म अपन बल छड द उसक लड क ऊपर ह थ, व तरत उठ कर खड ह गय उसन अपन परच पहन और अपन लए वहसक क एक और गलस डलन चल गय और म पर तरह स प गय ज हआ उसस उतसहत ह. कहन अभ खतम नह हई ह, ज हन थ व अभ खतम नह हआ ह कफ समय पहल। म अतयधक उतसह क सथ अपन कमर म चल गय, मर लड। जब तक मन हसतमथन करन शर नह कय, म फटन और हसतमथन करन क लए तयर थ कछ अपशबद क सनकर, म नच बलकन म गय जह स लवग रम दखत ह और म भल क दख सक एक लल सवर म पर तरह स छल, चर घट स अधक समय तक सफ, बहर नकलन उसक सर बल धप स जल गए थ, और जलन ह रह थ बहत कछ, य मझ नह पत क कय यह बल हटन वल तरल स परतकरय थ, हलक यह कह गय थ मइसचरइजर, कवल एक चज जसक बर म म सच सकत थ वह बथरम म जकर कलडरल (क लए) लन थ ज लग नह जनत, यह एक करम ह ज सनबरन क शत करत ह) व लवग रम म चल जए वह जह थ, उसक बतल अभ भ लगभग खतम ह चक थ, और मन उस रकन क लए कह। इसस रहत पन क लए करम लगई, लकन बतल क अदर करम बहत जयद थ खद क रगडन क लए कफ नश म थ, इसलए मझ "परयस" करन पड और मन कह क म उस पर करम लग दग, व उस करस पर लट गय जह म थ एसटरड क लड चसत हए व सफ पर लट गय और उस पर कलड करम डल द. उसक वशल पठ, वह करम क ठडक स छट लकन तरत उछल म अपन हथ स हलक मलश करक इस फलन लग, इस बर मन इस नच कर दय अडरवयर और अगर म कछ कहत ह त म उसक बट पर कलड करम लगत ह, अब मर सथ मर हथ न उसक नतब क मलश क और बन अनमत क मन उस उसक छद पर भ लग दय। मझ दर ह गई। इस भग क मलश करन पर महसस हत ह क इस लगन पर हलक स करह नकलत ह इस कषतर म, मन उस घमन क लए कह, और मन उसक कचछ नच करन समपत कर दय, यह शयद उसक पर लड पहल स ह अधकतम वभव म थ, 22 सम शदध लड, कछ मजदर बत यह ह क यह पर तरह स कड नह थ जस क म कलपन करत ह क जब मर लड खड हत ह। ज वजन क करण रह हग लकन वह उसक पट पर पड थ, मन शरआत क अपन पर पर करम लगओ, मन उनह कभ अपन दय पर नह रख थ, तमहर पर बलकल सह, म तज स उसक पर क ऊपर गय और फर उसक छत पर, ज मन बहत तज स कय म मखय भग तक जन चहत थ, हलक वह जल नह थ यह आखर चज थ ज खज गई थ, मझ इसक परवह नह थ, मन उसम अचछ रकम डल द वह बहत आशचरयचकत हआ, उसन मर ओर दख लकन म उस सध नह दख सक। उसक लए (और ज उसक आख म दखन वल ह, उसक लड क दखन म सकषम ह), मन शर कय अपन दन हथ स उनक मलश करत हए उसक लड म मन हलक स हलचल हन लग धडकत हआ, म उसक नभ पर तब तक लट रह जब तक मझ कई परवह नह हई और शर नह हआ इस चस और चस, मर सर पर एक तरल पदरथ थ, एक परदरश तरल उसक लड क आख स बद क रप म नकल नमकन सवद क मन चट लय मन सच क यह उसक वरय ह कयक वह बहत बहर नकल थ, म महम म थ, अपन दन हथ स पकड त ऐस लग मन मर पस बसबल क बलल ह और मर पस कई जनवर ह म उसक लड क हर इच क चटन क बर म चतत ह, उसक पस कछ थ य ह नस क जब व सज जत ह त आप उनक अदर बहत खन क महसस कर सकत ह, म कभ भ उसक पर मल अपन मह म नह ल पत थ, यह त सपषट ह लकन मन उस चट लय आध-खल गद, म उसक एक क सथ दग करन जस थ बड हथ न मर बए हथ क पकड लय ज उसक लड क पकड रह थ और शर ह गय मर हथ क नच स हसतमथन करत हए, उसन कछ करह नकल ज मर और चख क तरह लग रह थ म बन यह जन क मझ कय हन वल ह, म उस सर दत रह, जब तक क उसन सर नह द दय वह बहत जर स करहन लग और उसक लड वरय स ऐठन लग जसस म लगभग उततजत ह गई म इतन सर तरल पदरथ लन म डब रह थ, म कभ नह रक और मन कभ खद क इतन सर वरय बहर फकत हए नह दख। दन न मलकर आध गलस उनक तरल पदरथ स भर दय हग, म बहत डर गय थ न जन कय ह रह थ, यह जनवर मझ पर चलल रह थ और मझ चट पहच रह थ कयक मन ऐस नह कय उसन मर हथ य मर सर क अपन लड स तब तक नह छड, जब तक क उसक और मर कम पर नह ह गय म जमन पर घटन क बल बठ रह गय और मर सभ भई मर मह और चहर पर पन डल रह थ। जब तक उसन अपन पर मर चहर पर नह रख और मझ जमन पर धकक नह दय, तब तक वह मझ पर चललत रह अपरध बध क सवर क सथ, आप यह चहत थ फग, और उसन मझ धन क लए कह वरय ज पहल स ह हर जगह टपक रह थ, म रन लग और चल गई म अपन कमर म बथरम म गय और सर समन और कपड लकर शवर म घस गय, मझ बहत बर लग। मन अपन कपड उतर और रत हए नहय और सचन लग क कय हआ थ, मझ अभ भ उसक वरय क नमकन सवद अपन मह म महसस ह रह थ, मन अपन बरश पकड लय दत और उस टथपसट स भर दय और अपन आप क बहत ह खरदर तरक स धय जसस म बन गय मर मसड स खन बहन लग, खर मन खद क अपन कमर म बद कर लय और तब तक बहर नह आय एक और दन जब म पहल स ह घर क चर ओर उसक कदम क आवज सन रह थ जस न जन कय बचन ह रह थ कर, जब म दपहर क नकल त वह घर पर नह थ, म तब तक खन खन गय उस रत मन उस अपन कर म आत हए सन, और फर स मन खद क अपन कर म बद कर लय चथ, मन सन ह क जब तक वह अपन कमर म नह पहच गय, तब तक वह हर चज पर लडखड रह थ, इसस मझ परशन हई उनहन कह क वह नश क हलत म थ, तब तक वह अपन कमर म चल गए थड दर बद जब मझ कछ और सनई नह दय त म अपन कमर स बहर नकल और गरज क दखन क लए नच चल गय। उनहन अपन कर क दरवज खल छड दय थ, उसम स तज गध आ रह थ। सगरट और शरब, इस बद कर, गरज क दरवज बद कर और घर म परवश कर ज चज मन उसक रसत म फक थ, उनह उठकर म वह स नकलकर उसक कमर क पस पहच कर क चबय उसक मज पर थ, वह बन कपड पहन अपन बसतर पर लट हआ थ गहर नद, मन कछ नह कय और स गय। अगल दन, उस कम पर जन थ, म अपन दमग स बहर नह नकल प रह थ। कमर म तब तक रक जब तक म यह न सन ल क वह चल गय ह, जस क मर गरमय म हआ थ, मझ छड दय गय थ उस दन, वह महल, जसन हमर मदद क थ, आध सबह तक मर बसतर पर पड रह, बन उठ वह घर नह आत थ, अब वह कवल सबह आत थ, वह घर क सफ-सफई करत थ, खन बनत थ और रहत थ। म दपहर क भजन क बद ज रह थ त उसक बलन पर उठ गय और फर खन खय म अकल थ, म कवल अडरवयर म घर क चर ओर घमत थ, मझ कई परवह नह थ। कछ नह, यह सब सरफ मर लए थ, मन पजज मगवय और मन सब ख लय और रक नह कछ भ नह क नशन, जब म अपन पत क शयनककष म परवश करत ह त दखत ह क गद कपड ह फरश पर थ, मन उस जचन शर कय और उसक पट पर दग पय, यह वह थ जब आप गरम हत ह त आपक कचछ पर दग रह जत ह, मन कलपन क, म उस कस रह थ क व अपन एक दसत क रड क चदन गय थ, लकन आखर कस चहत स मन उस जबरदसत मख-मथन दय (खर बद म मझ उनक सकस सतर क बर म पत चल व लगभग पच गन य उसस अधक थ) म इस और बरदशत नह कर सक और मन उनह सघन और चखन शर कर दय। मन उसक तरल पदरथ क हर सख बद क महसस कय, अगर यह वह थ, त यह उसक सवद और गध थ, म उतसहत थ। बहत सर और जब मन उनह सघ त मन ऐस हसतमथन कय जस मन पहल कभ नह कय थ, फन बज और कलरआईड पर मन दख क यह मर पतज क करयलय क नबर थ, मन फन कय उसक सल फन स और मन उस उततर नह दय, वह चतत ह गय हग कयक उस नह पत थ क करमचर आन वल नह थ और बहत जलद घर आ जत ह। वह खलन लगत ह गरज क दरवज और म अपन कमर क ओर भग, मन वह अपन खडक स उस पर नजर रख म अपन समवर क सट म बलकल भ नह थ, मझ नह पत क म इस कस सभल पऊग उस ऐस सवकर कर जस म एक बचच थ, और उस चम और गल लगओ और अब वह मझ खरचत ह उसक दढ, और उसक बह म उसक शयनककष तक चढन और दसर क चसन म सकषम हन उस बड डक और उन बड गद क समय, उसन अपन आख क कन स बहर दख क कय म उसम दखई दत ह मर कमर क खडक, लकन वह परद क पछ अचछ तरह छप हई थ और मन ऐस नह कय दख, वह घर म घस गय, अपन कडक आवज स करमचर क बलय, लकन कस न नह उततर दय, त आप सन सकत ह क वह फन पर कस स बत कर रह थ, और वह मन उस गल दत हए सन और मन उसस कह क "तम एक सपतह तक घर क यद नह कर सकत" यह थ वह करमचर जसक एक बचच क ऑपरशन हआ थ और उस करन पड उसक खयल रखन, उसन कह क म छटट पर ह और मर खयल कन रखग मझ खलन क लए, लकन वह कई नह थ और करमचर पर सपतह अनपसथत थ, मन ऐस सन वह मर शयनककष तक गय लकन उसन दरवज खटखटन क हममत नह क और वह चल गय, मझ शरम आएग य नह पत लकन अगर मन उसक चहर दख हत त म भ मर जत शरम क मर, वह अपन कर म चल गय, और फर स नश म धत हकर आय, लकन इस बर भ ज मर दरवज तक आय और उस खलन चह लकन वह बद थ, ठक ह अगर वह म इस फर स लत मरकर खलन चहत थ लकन मझ लगत ह क मझ शरमदग महसस हई य महसस हआ उसन ज कय, य हमन ज कय उसक लए दष। अगल दन, अदर जन स पहल उसन मर लए 20 डलर छड भजन ककष क मज, लकन मन उनह नह उठय, बहतर हग क म सकल क अपन दसत क सथ बहर चल जऊ (ज, तरकक रप स, सन ह) हमन खन खय और फलम दखन गए य कछ कय मर पतज क घर पहचन स पहल म वह पहच जऊ, पर दन बतए, फन जच और आपक ऑफस स बहत सर कल आए, आप कय चहत थ? मझस बत कर फन, य कय?? खर, मन पहल ह उस आत हए सन लय थ और अपन खडक स उस पर जसस कर ल थ वह उदस दख रह थ, उसक पर असत-वयसत चहर पर दढ थ और उसक कपड भ अचछ थ उसक कपड ठक करन वल कई नह थ और उस मरदन आदम न कभ अपन कपड इसतर भ नह कए। अडरवयर, उस इस तरह दखकर मझ दख हआ, लकन न चहन पर मझ गरव थ यह दखकर, मझ अभ भ रन आ रह थ जब मझ अपन चहर पर उसक पर यद आय (हलक मझ अपन चहर पर उसक शकतशल पर क यद करन म कई वशष उतसह नह मल, अपन सध हई उगलय क सथ) अगल दन म भ वह कहन थ, ज उसक थ मज पर लगभग 80 डलर ज उसन मर लए छड थ और ज मझ नह मल, वह मर शहर म दन बतन क लए दस डलर क कई समसय नह थ, लकन कय मझ लग क वह सच रह हग क उसन चर दन स खन नह खय ह। और म अपन कमर बलकल नह छडत, कय वह पहल ह मर चक ह??, यह बत मझ सबस जयद परशन करत थ। मझ सथत पसद आई (आध सवपडकवद लकन गभरत स म अभ भ उसस नरज थ) शकरवर आ गय, म सकल स अपन दसत क सथ बहर गय थ। हम आलस थ और एक वशल परक म शरब पन चल गए ज क उततर क ओर ह सकल (यह सभ यव 15 सल क उमर स शरब प रह ह, लकन इस कस कह जए छप हए तरक स), म बहत नश म घर पहच लकन मर पतज क आन स पहल म नश म हन क करण स गय, म पर तरह स स चक थ और मझ नह पत क वह मर कमर म कस आ गय. आध रत ह गई थ लकन वह अदर आ गय म शर मच रह थ, म बसतर पर उलट कर रह थ और म मझ लगत ह क म डब रह थ, वह म अदर गय और फर स मन सच हग क म डब गय ह। मर डल, उसन सच क मन गलय य जहर ख लय ह और वह डर गय जब तक उस शरब क गध महसस नह हई और, ठक ह, उस एहसस हआ क कय हआ वह नश म थ, वह मझ अपन शयनककष म ल गय, उसन मझ अपन शवर म डल दय, म जस नश म थ गडय अपन हथ म लकर वह मझ अपन बसतर पर ल गय, ज मझ लगत ह, मर नद पर नजर रखन क लए नश म, जब म जग त वह सबस खबसरत चज थ ज मर सथ घटत ह सकत थ पर तरह स नगन, मर सपरमन क बह म जसक शरर पहल स ह भर रह ह फर स उसक छट-छट बल थ ज मलयम कलन क तरह दखत थ मर सपन क दख रह थ और जस ह म कछ कहन चहत थ वह मझ चमकर चप ह गय मन अपन जवन म अब तक क सबस अचछ सवद चख ह, जनन क एक चबन जसन मझ पर तरह स झकझर कर रख दय शरर जब मन उसक गरम जभ क अपन मह और उसक दढ और मछ क अदर महसस कय लपरवह स मर पर चहर क कटत हए, उसन मझस कवल यह कह; और कब स आप पत ह??? उसन मर लड पकड लय और मझस कह क यह उतन बर नह ह, ज मझ करन पड उस इस आजमन द, म उसक लड क पस गई और उस चसन शर कर दय, लकन अब भ ऐस ह ह सनह ह य परम, इस बर मर कम ह गय लकन वह अब अपन वरय पन क लए मर सथ दरवयवहर नह करत बलक मन इस उसक छत और अपन छत पर मल दय। मन उस फर स गल लगय और खद क नच कर लय उसक छत जह मन उस सहलन शर कय, उसक कलन पट जब तक क म दसर क सथ नह रह गय एक बर उसक इतर, उसक पसन और वरय क गध म डबकर स गय। इस बर वह भ स गय और हम दर स जग, उसन मझस कह क नह ल, कपड पहन ल म आपक शहर क उन अरध-शनदर रसतर म स एक म खन क लए आमतरत करत ह। मर पस अभ भ सममन ह और मझ उस डर क महसस करन पसद ह सन अपन चख और परहर स थपत ह, लकन म फर भ सरकषत महसस करन पसद करत ह मर पत क लए कछ लग इस कहन क आलचन करग लकन ई. क अनसर पढ, इस सथत म म अकल नह ह, कई लग ह जनह जन ह यह, म उसक पतन क तरह महसस नह करत, म अपन पत क भ दवन नह ह, मर पस ह महलओ क सथ सबध और मझ यह पसद ह, म बस एक ऐस परष ह ज पसद करत ह परष और महलए भ, और सन क सथ भ मर सबस अचछ सबध ह, और हमन बस अचछ समय बतय। मर पस और भ कई कहनय ह, उदहरण क लए जब उनहन शरआत क जब म कस महल क सथ अपन उदघटन करत ह, य जब हमर परटय म हत ह, त मझ उनक "परटय" म ल जए नश न उसक बतचत क उसक "दसत" (जस) क सथ सथतय स बहर कर दय लफटनट क, ज अब जनत ह क म उसक सथ कय करन चहत ह), और भ बहत कछ सनक और उनक पतनय जनक सथ मन और मर पतज न मज-मसत क। इस समझन क कशश कर कयक य मन अपन एक बचच स कह ह 17 सल क. मझ आश ह क आपक यह पसद आय हग और मझ बतए max_bear33@yahoo.es
