शकरवर क दपहर, मन परमरश समपत कर लय थ, और म थ सचमच थक हआ और बहत गरम। मन पर दन उन गरभवत महलओ क दखभल म बतय ज आई थ खद पर नयतरण रख। आखर बर, उसन गरभवसथ क पहल तमह उसक सथ बतई थ उनक छट-छट असफलतए, और अब व उनक सथ एक समनय यन जवन जन चहत थ पत, इसक सथ, मझ उसक कपड उतरन थ और वयवहरक रप स उस सखन थ क कस करन ह सरवततम यन सथतय क तलश कर, और इस परकर उनह समसयओ स बचए गरभवसथ और एक अचछ, सवसथ जवन जए, और इसक गरभवसथ और जड पर कई परभव नह पडत ह गरभवसथ क अवसथ म. पत बहत गरम लग रह थ, कयक यह उसक लए बहत कठन थ अपन इरकशन क छपए, जबक उसन उन दन क पर-सकसअल खल सखए यन परचय, और उस तक पहचन स पहल मन वशष रप स उनस यह पछ थ चरमतकरष पर, दन महलओ क कम स कम एक य अधक ओरगसम हन चहए उस आदम क तरह, बन कस दर क, मन उनह दलर क एक शरखल क अभयस करय उनहन दख क परचय त अतम भग थ, लकन सपरण अभनय नह यन, ऐस थ क मन अपन दसतन पहन हथ स लडक क दसतन हटन क लए कह कपड और अपन पतन क सथ सटरचर तक गय। वह मन उन दन क एक-दसर क पस आन और जन, एक-दसर क दलर दन सखय। परसपरक, जब तक क व दन बर-बर सभग सख परपत करन म कमयब नह ह गए उसक ओर स परचर मतर म सखलन, और परतयक म परचर मतर म चकनई उसस कमततजन, जसस उस वह वरय, उसक शरर म, उसक अदर परपत हत ह सतन क, उनक मह म, फर एनसथसय वल सनहक स मन उनह फलन सखय उसक गड क सफकटर, और उसक मदद करक म परवश परपत कर रह थ गद क उन दन न जबरदसत आनद लय, वह अपन पर खलकर खड थ अपन छट स गड क उसक ओर झककर मड गई और उसन धर-धर, लकन धर-धर, उस पर कबज कर लय। बहत ह गरम तरक स, दन ह पगलपन स और मर अनरध पर समपत करन म कमयब रह व तब तक इस तरह सथ रह जब तक क उसक इरकशन खतम नह ह गय, फर व मन उस करयलय क बथरम म आमतरत कय, और मन उसस कह क उस बडट म खद क सफ करन चहए, और क फर व इस अपन घर म हर दन और कतन बर अमल म लएग व चहत ह क व खश रह! म बहत गरम रह, यह जनत हए क म अकल रह गय ह और नह मझ यकन ह क परमरश क अत म उस भषण बखर क दर करन क लए मर पस कई थ मझ एक आदम क दलचसप लन और उस वह ल जन क लए कस रसत क इतजर करन पड पलग इनह वचर क सथ मन लइट बद कर द, करयलय बद कर दय, और दरवज खल ज मझ मर घर तक ल गय। मझ कय आशचरय हग जब मझ पत चल क मर बट, ज मलटर सकल म कडट ह, कई दन क छटट लकर आय थ छटटय, और उनहन मझस पसतकलय म बठकर परमरश समपत करन क अपकष क। आशचरय और खश क चख क सथ मन उस बहत कसकर गल लग लय। और मन उसक गरदन पकड ल और उस पर चमबन क बछर कर द, जसक उसन परभवशल ढग स जवब दय। यह सपषट ह क हम दन क इस तरह क मलकत क जररत थ - अलग हन क बत त दर, हम हम चबन जर रखत ह और एक-दसर स सनहपरण वकयश कहत ह, सबस पहल, सनहपरण, फर और अतत शबद अब आवशयक नह रह, हम हमन एक-दसर क इस हद तक सहलय क मझ अपन पट म दरद महसस हन लग उसक लड क सर ज खड ह गय ह, और उस पल मझ एहसस हआ क म म भ बहत कमक ह, मझ ऐस लगत ह जस मर यन क हठ पर तरह स कमततजत ह गए ह गल, लकन आखर मनट म करयलय म ज कछ हआ, उसक करण नह, मझ एहसस हआ धयन रख क ज मझ गरम करत ह वह मर बट ह, जस कस और न नह कय। और मझम उसक दमग म एक वचर बठ गय: "म उसक सथ ऐस बलतकर करन ज रह ह जस मन कभ कस और क सथ नह कय।" हमर बच कस भ परकर क सबध य यन दषटकण नह थ। उसक हठ मर मह स मर गरदन तक, वह स मर कन तक, जह तक गए उसन अपन गरम जभ मझम डल द, और मर रगट खड ह गए और म इस और बरदशत नह कर सक, मन अपन दहन हथ नच कय और जतन ह सक मन उसक पट क उसक अडरवयर क सथ नच खच दय। और मन उसक लड पकड लय - एक खबसरत सखत, धडकत हआ टकड जसस मर हथ भर गय, और मन उस धर स हडजब दन शर कय, उसन अपन बह मर गरदन स नच कर ल और एक झटक म गर गय। उसन मर सकरट और पट नच खच द, और अपन लड मर यन म रख दय मर चत क हठ गल और उतसक थ, उनहन उस गल लग लय और मझ ऐस लग जस म पशब कर रह ह। खश क बत ह, मझ यह धडकत हआ महसस हआ और म वह रक गय तक मर बट खतम न ह जए इतन जलद. जब व मर ऊपर क कपड उतर रह थ और म उसक, मर सतन एक बटन जतन बड नपलस क जड क सथ उछल रह थ, मन उस उनह चसन क लए पररत कय, जबक व अभ भ मर पर क बच म थ उसन अपन शनदर यव लड क और भ अधक नचड, जसस म उस कषण पगल ह गई जस ह मर नद टट, उसन मर दन नतब क अपन बड हथ स पकड लय गध और मझ अपन ओर दबय हलक जतन मन सच थ उसस अधक करब हन क कई रसत नह थ। हम उस पल म थ. हमन एक-दसर क दख और मसकरए, परसपरक रप स हमन चबन कय और हमन बर-बर चम और समय-समय पर वह अपन उगलय घमत रह मर नपलस क बच और उनह इस तरह सहलय क पहल ऑरगजम अचनक आ गय। इस तरह, मर शरर ऊपर-नच कपन लग, मर पठ पर अतयधक पसन आ गय। और पसन क एक बद मर गड पर फसल गई, और करह उठ खश न इतजर नह कय, म लगभग कह सकत ह क मन इस चललय और यह सबस जयद बहर आय मर आत म गहरई तक, एक आआआआहहहह! लब समय तक और नरतर इसक बद ए डनएल! म तमस पगल क तरह पयर करत ह, म गजरश करन शर कर रह ह! तम मझ पर ह doing aaaaaaaaaaaaar, with that huge piiiiiiiiiija between the eeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeerty, म उस कलन पर लटन क लए पररत कर रह थ - वह लटन ह वल थ खतम - मन यह उसक आख म दख, म उसक बगल म अपन घटन पर बठ गय और वह स चल गय पछल सथत म मन अपन सर उसक पर क बच रख दय। म उसक अडकष चट रह थ, म उनह बर-बर स चमन लग, उनक इरकशन कम नह हआ, बलक पहल स जयद थ म शत हआ, उसक कमर क चम, उसक पट पर अपन जभ फरई और उस महसस कय म उस वकत कप रह थ, म उसक ऊपर चढ गई, मन उसक लड अपन हथ स पकड लय, डल दय मर चत क दवर पर और मन अपन आप क गरन दय... अपन घटन क उसक घटन स दबत हए शरर, मन उसक मह क ऊपर और नच एक नरम और लयबदध गत शर क A maaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa with me please take meeeee meeeee, almost guttural and it began मर दसर सभग पछल वल क तलन म अधक जर स, दहरव क सथ ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, ह, अधकतम, जब अचनक मर पर यन, गरभशय और मर चत म बढ आ जत ह गढ और गरम वरय स भरपर, एक, द, तन तज धर व हर चज म बढ लत ह और फर अनय छट म, और जब व बहर आत ह त म हर समय उनक लड क महसस करत ह। मर अदर धडक रह ह, और म सकड जत ह, अपन आप क उसक छत पर दब दत ह पट और उसक बड लड मर अदर फस हआ थ तक वह स कछ भ बहर न नकल, म महसस करत ह... आपक दल कतन तज गत स धडकत ह, म भ अपन महसस करत ह इरकशन नह रकत, न ह मर बखर रकत ह, लकन म रक जत ह फर भ जब तक मन नटस नह कय क जस-जस वह मझ ढकत ह, उसक कठरत कम हन लगत ह चबन और म वह करत ह, हमर मह बर-बर मलत ह, म जत ह यह महसस करत हए क उसक लड मर अदर स कस बहर आन लगत ह, तभ म उतर जत ह, और मन उस खन शर कर दय और सर वरय चस लय ज अभ भ उसक पस बच हआ थ मर रस क अवशष, तभ वह मझ दन हथ स पकडकर उठ लत ह उसक ऊपर जब तक वह कलन पर लट रहत ह, वह मर पर क फलत ह और उसन मर चत क अपन मह म रख लय, मझ चसन शर कर दय और उसक अवशष क सफ कर दय हमर रस, लग क उन अश म वह मर भगशफ स मलत ह, ज नह ह उन दलर स बखबर और वह सखत उततजत ह, म हलन शर कर दत ह उसक मह न मझ वह चस जबक मन उसक वशल लड क चसन जर रख, सभग सख मर पर पलवक कषतर म झनझनहट हन लग और मझ भर झनझन महसस हई। गड स भगशफ तक, और फर स मझम स रस बहत ह परचर,। म फर स आनद ल रह ह और खद क दनय क सबस खश महल महसस कर रह ह। पथव, और भ अधक आनद लन क लए जब उसन चस त मन उसक लड अपन मह स बहर नकल लय उसक हठ स मर करधत भगशफ और मन उस जर-जर स झटक दन शर कर दय, जब तक एक और सखलन परपत कर, परचर, बहत परचर, परभवशल। जब वह सखलत ह गय और मन उसक सर वरय प लय, मर ओरगसम एक क बद एक दहरई गई, जब तक एक बद पर मझ ऐस महसस नह हआ क म बहश ह जऊग और मन खद क बहश हन दय, म म कलन पर लट गई और उस अपन शरर स खलन दय, उसन मर सतन चस, मर नपलस, मर नतब, हम दन एक सदर नयतरत नश म थ कयक हमन कछ भ नह पय थ, व नश थ चहत क, सकस क, कभ हसल नह हआ, और हम यह अनभव वसतव म अदभत लग, ज अदवतय और अपरपय थ, कयक परतयक चदई अदवतय और अपरपय हत ह, कयक जस क आप दखग यह कवल एक ह थ पहल, लकन यह एकमतर नह थ। हम दन आपक टपपणय म रच रखत ह, हम लख।
